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आज़मगढ़: अलर्ट पर पुलिस,अजीत सिंह पर जिले में भी दर्ज थे हत्या व गैंगस्टर के मामले


लखनऊ में हुई घटना के लिए एफआइआर का इंतजार,आजमगढ़ के किसी का नाम हुआ तो जांच की जाएगी- डीआईजी

आजमगढ़: मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के देवसीपुर निवासी पूर्व ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख व गैंगस्टर अजीत के मारे जाने के बाद खाकी अलर्ट हो गई है। वारदात का क्लू तलाशने के लिए गैंगवार, सफेदपोशों, सियासत इत्यादि की संलिप्तता पर पैनी नजर रखी जा रही है। चूंकि अजीत आजमगढ़ के सगड़ी विधानसभा की विधायक बंदना सिंह के पति व पूर्व विधायक सीपू सिंह की हत्या में मुख्य गवाह था, इसलिए भी कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरमाई है। बहरहाल, अजीत के खिलाफ दर्ज 19 मुकदमें उसे जरायम में आकंठ डूबने की कहानी दर्शा रहे, लिहाजा पुलिस कई बिंदुओं पर खुद से जांच शुरू करते हुए लखनऊ पुलिस के संपर्क में लगातार बनी हुई है। 
लखनऊ में गोलियां तड़तड़ाई तो उसके कुछ देर बाद ही आजमगढ़ पुलिस की तंद्रा टूट गई। अजीत का आपराधिक रिकार्ड खंगाले गए तो लंबी फेहरिस्त निकली। पता चला कि उसके खिलाफ पहली बार 2003 में केस डायरी में आधा दर्जन धाराओं में केस दर्ज हुआ। दूसरा मुकदमा वर्ष 2004 में तमंचा रखने के आरोप में दर्ज हुआ। आपराधिक गतिविधियां बढ़ी देख पुलिस ने उसके खिलाफ वर्ष 2005 में 110 जी (अपराध करने से रोकने) में कार्रवाई कर उसकी कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी। उसके बाद जीआरपी चारबाग, लखनऊ ने वर्ष 2005 मेें उसके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। इसके बाद लखनऊ, आजमगढ़ और मऊ तीनों ही जिलों की पुलिस अलर्ट हो गई। वर्ष 2008 एवं 09 में फिर से अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ अपराध करने के लिए प्रेरित करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
कार्रवाई की छोटी धाराओं से बात नहीं बनी तो मोहम्मदाबाद गाेहना पुलिस ने वर्ष 2009 में उसके खिलाफ गैंगस्टर 3 (2) की कार्रवाई की। उसी दौरान आजमगढ़ में हुए मर्डर में पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या एवं हत्या का षड्यंत्र का केस दर्ज किया। जिले में ही हत्या का दूसरा मुकदमा एवं षड्यंत्र का केस जीयनपुर पुलिस ने वर्ष 2010 में दर्ज किया। उसके साथ फिर से आजमगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की। वर्ष 2008 में मऊ की मोहम्मदाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में भी केस दर्ज किया था। उसके बाद गुंडा एक्ट दो बार, 110 जी की कार्रवाई तीन बार, सेवन क्रिमिनल ला एक्ट में अलग-अगल मुकदमें दर्ज हुए। 
डीआइजी, आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि
वारदात लखनऊ में हुई है। हम हालात को लेकर अभी तक अपने स्तर से क्लू तलाश रहे हैं लेकिन ठोस कार्रवाई के लिए हमें लखनऊ में हुई घटना के लिए एफआइआर का इंतजार है। अगर उसमें आजमगढ़ के किसी का नाम हुआ तो उस दिशा में जांच तेज की जाएगी। अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की दिशा में पुलिस आगे बढ़ रही है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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