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आज़मगढ़: पूर्व प्रधान की हत्या में नौ नामजद ,पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव


रानी की सराय थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव के पूर्व प्रधान की हत्या का मामला

आजमगढ़: रानी की सराय थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव के पूर्व प्रधान की हत्या में नौ लोग नामजद किए गए हैं। सभी गांव के ही रहने वाले हैं और सभी पूर्व प्रधान के पट्टीदार हैं। मृतक के छोटे भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के पीछे कोटे और प्रधानी के चुनाव को कारण बताया जा रहा है।अल्लीपुर गांव के पूर्व प्रधान राजेश यादव (45) पुत्र दयाशंकर यादव शनिवार की रात आठ बजे गांव निवासी सीताराम प्रजापति के यहां दावत में गए थे। इस दौरान हमलावरों ने पहले उनकी लात-घूसे से पिटाई की और फिर एक दो नहीं बल्कि पांच गोलियां मार कर हत्या कर दी। मृत प्रधान के छोटे भाई राकेश यादव ने देर रात नौ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। इसमें गांव का कोटेदार दीपक यादव भी शामिल है। पांच अज्ञात लोग भी तहरीर में शामिल किए गए है। पुलिस को दी तहरीर में राकेश यादव ने बताया कि गांव निवासी दीपक व प्रदीप पुत्र दयाराम, ज्ञान शंकर व दयाराम पुत्र चंद्रधारी, अवधेश पुत्र वंशराज ने उसके भाई को कुल पांच गोलियां मारी। गोली मारने के पूर्व की गई पिटाई में इन पांच लोगों के अलावा रोहित पुत्र रामराज, सीताराम प्रजापति पुत्र दिलीप प्रजापति, गब्बर उर्फ रीतिक पुत्र सतीराम, संजय पुत्र गुलाब चंद आदि भी शामिल रहे। इसके अलावा पांच अज्ञात लोग भी घटना में शामिल थे। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वहीं घटना से गांव में दहशत का माहौल है।
हत्याकांड का मुख्य आरोपी गांव का कोटेदार है। लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण को लेकर प्रधान और कोटेदार पक्ष में विवाद के बाद मारपीट भी हुई थी। मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके साथ ही कोटेदार के परिवार का युवक भी इस पर प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी रंजिश में हत्या का कारण छुपा होने की बात कही जा रही है।
मृतक राजेश यादव गांव के पूर्व प्रधान थे। उसके भाई राकेश यादव की पत्नी बेबी यादव वर्तमान में गांव की प्रधान हैं। लॉकडाउन के दौरान गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति यूनिट पर पांच किलो राशन देने के आदेश था। पूर्व प्रधान के परिजनों का आरोप है कि कोटेदार ज्ञानशंकर एक यूनिट पर चार किलो ही राशन दे रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्षों में न सिर्फ विवाद हुआ था, बल्कि मारपीट भी हुई थी। पुलिस इन दोनों प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज किया था। इसके साथ ही कोटेदार ज्ञानशंकर का भतीजा व पूर्व प्रधान हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक यादव भी इस बार प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इन्हीं रंजिशों के कारण राजेश यादव की हत्या करने की बात कही जा रही है। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने पांच-छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं है। जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
पूर्व प्रधान की हत्या से ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव के माहौल को देखते हुए पुलिस महकमे ने पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील किया हुआ है। रानी की सराय थाना पुलिस के अलावा सरायमीर, गंभीरपुर, बरदह थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद है। इसके अलावा पीएसी की भी एक टुकड़ी मौके पर तैनात की गई है।
शव गांव में पहुंचते ही परिजनों के करूण क्रंदन से माहौल गमगीन हो उठा। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों को अंतिम दर्शन कराने के साथ ही अन्य क्रिया कलाप संपन्न कराए गए। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए रवाना कर दिया गया। अंतिम संस्कार मुहम्मदपुर स्थित मंगई नदी तट पर किया गया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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