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आज़मगढ़: कार्तिक पूर्णिमा पर अपने घरों या निकट के घाट पर स्नान करें श्रद्धालु- डीएम


भीड़भाड़ वाले घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था एवं कोविड-19 निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें- डीएम

आजमगढ़ 28 नवंबर-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने समस्त एसडीएम, समस्त क्षेत्राधिकारी (पुलिस), जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत को अवगत कराया है कि इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा/गुरूनानक जयंती का पर्व दिनांक 30 नवम्बर 2020 को मनाया जायेगा। कार्तिक पूर्णिमा के त्योहार पर हिन्दू समुदाय के आस्थावान लोगों द्वारा पवित्र नदियों में स्नान करने की परम्परा रही है। जनपद में पवित्र तमसा नदी व अन्य नदियों के घाटों पर अत्यधिक संख्या में लोग स्नान के लिये पहुंचते हैं। इस वर्ष कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव सम्बंधी उपाय का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु उक्त पर्व के अवसर पर विभिन्न व्यवस्थायें किया जाना अपेक्षित है।
उन्होने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इस पर्व के दृष्टिगत शान्ति समितियों की प्रभावकारी बैठकें प्रत्येक थाने में कर ली जाय तथा आमजन के अपने घर पर ही अथवा निवास के नजदीकी नदी के घाट पर ही स्नान करने/त्योहार मनाने हेतु प्रेरित किया जाय। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान हेतु ज्यादा दूर की यात्रा करने से आमजन को हतोत्साहित किया जाय। ज्यादा भीड़-भाड़ वाले स्थलों/नदी के घाटों को चिन्हित कर सुदृढ़ यातायात/सुरक्षा व्यवस्था का इन्तजाम कर लिया जाय। किसी भी प्रकार जाम की समस्या न उत्पन्न हो। प्रमुख नदियों के घाट पर अपने अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारी व पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर ली जाय। ड्यूटी में लगाये गये पुलिस बल की समय से समुचित ब्रीफिंग कर उन्हें उनके कर्तव्यों के बारे में स्पष्ट रूप से बोध करा दिया जाय, ताकि समय पर वे मात्र मूकदर्शक न बने रहे, अपितु प्रतिक्षण शान्ति व्यवस्था बनाये रखने तथा कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु सक्रिय रहें। ऐसे स्थलों पर कोविड-19 संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के उपायों का पीएएस के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाय तथा कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन भी सुनिश्चित कराया जाय। इस पर्व पर युवक/युवतियों की स्नान हेतु भीड़ रहने के कारण महिलाओं के साथ छेड़-छाड़ की आशंका बनी रहती है, जिस पर विशेष सर्तकता बरते जाने की आवश्यकता है। नदियों के घाटों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था भी करायी जाय। इन्टेलिजेन्स/स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय रखा जाय तथा उनके द्वारा रूटीन में जो भी सूचना दी जाती है, इसके अलावा विशेष रूप से सक्रियता बरतने हेतु निर्देशित कर दिया जाय। शरारती तत्वों को पहले से चिन्हित कर उन पर सतर्क दृष्टि रखी जाय तथा आवश्यकतानुसार उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही भी की जाय। अतीत की घटनाओं का सम्यक् अध्ययन एवं विश्लेषण करके वर्तमान परिदृश्य में उनके पड़ने वाले सम्भावित प्रभाव का आंकलन कर समय रहते निदानात्मक कार्यवाही कर ली जाय, इस पर्व के अवसर पर नदियों/सरोवरों में व्यक्तियों के डूबने से मुत्यु की घटना न होने पाये। घाटों पर जहाँ पानी की गहराई अधिक है, वहाँ नाव एवं गोताखोरों की व्यवस्था कर ली जाय। 
उपरोक्त सभी निर्देशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा तथा उच्चाधिकारियों के साथ सतत् सम्वाद बनाये रखते हुए त्वरित रूप से प्रत्येक स्थिति से अद्यावधिक कराया जाता रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी अपेक्षा की है कि जनपद में कानून एवं शान्ति व्यवस्था कायम रखने हेतु उप जिला मजिस्ट्रेट/पुलिस क्षेत्राधिकारी संयुक्त रूप से उक्त त्योहारों को शान्ति पूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है, जो आप के नियंत्रण में न हो, तत्काल जिला मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधीक्षक (आजमगढ़ एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन) को सूचित किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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