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आजमगढ़: पुलिस ने सुलझा दी पहेली, भाई-भाभी ने कराई थी किशोर की हत्या

मृतक अमर

दीदारगंज के पल्थी बाजार में 15 वर्षीय किशोर का घर के पीछे नाले में मिला था शव

80 हजार में सुपारी दे कर भाई-भाभी ने कराई थी हत्या,सुपारी किलर भी पकड़ा गया

आजमगढ़. रविवार को पुलिस ने दीदारगंज में किशोर की हत्या की अनसुलझी पहेली को सुलझा दिया। काम आसान नहीं था कारण कि इस खूनी खेल में अपने ही शामिल थे, लेकिन पुलिस ने असली कातिल को ढ़ूढ़ निकाला और उन्हें जेल भेज दिया। 15 साल के मासूम की हत्या उसी के भाई और भाभी ने बदमाशों से मिलकर इसलिए करा दी क्योंकि उन्हें लगता था कि पिता छोटे बेटे से अधिक प्रेम करते हैं और उनकी उपेक्षा करते है। इसी खुन्नस में उन्होंने छात्र की अस्सी हजार रूपये में सुपारी दे दी और 10 जुलाई की भोर में बदमाशों के साथ मिलकर पहले भाई को मौत के घाट उतारा फिर उसके शव को नाले में फेंक दिया।
बता दें कि पल्थी बाजार निवासी प्रेमचंद बरनवाल का 15 वर्षीय पुत्र अमर बरनवाल कक्षा नौ का छात्र था। 9 अगस्त को वह अचानक घर से गायब हो गया था। इस मामले में परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए दीदारगंज थाने में रिपोर्ट पंजीकृत करायी थी। इसी बीच 12 अगस्त को उसकी लाश घर के पीछे नाबदान में पाई गयी थी। इस मामले में पुलिस जांच में जुटी थी। छात्र के पोस्टमार्टम में मौत का कारण हेड इंजरी आने के बाद यह साफ हो गया कि उसकी हत्या की गयी है।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह साक्ष्य संकलन में जुटे रहे। छानबीन में पुलिस को पता चला कि मृतक के पिता प्रेमचंद बरनवाल की शादी मीरा देवी से हुई थी, जिनसे चार पुत्र योगेन्द्र 35, कृष्ण कुमार 33, निराले 30, नन्दलाल 28 है। करीब 20 वर्ष पूर्व मीरा देवी के निधन के बाद प्रेमचंद ने मीरा देवी की बहन गीता देवी से शादी कर ली थी। अमर प्रेमचंद की दूसरी पत्नी का पुत्र था।  थानाध्यक्ष को शक था कि हत्या परिवार के ही किसी सदस्य ने करायी है और पूरा मामला संपत्ति जुड़ा है। साक्ष्य संकलन के बाद आज उन्होंने महिला आरिक्षयों के साथ मृतक के घर पहुंचकर उसके भाई की पत्नी दिपांशी बरनवाल से पूछताछ की। पहले तो वह आनाकानी करती रही लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई की तो उसने सच उगल दिया। दीपांशी ने हत्या का जो कारण बताया वह चैकाने वाला था।
दीपांशी ने बताया कि उसके ससुर प्रेमचंद मृतक अमर के कारण उसके पति निराले की उपेक्षा करते थे। निराले का व्यापार सही ढंग से न चल पाने के कारण वह काफी असन्तुष्ट रहता था। करीब 01 वर्ष से निराले इसी उपेक्षा के कारण अमर की हत्या कर उसे रास्ते से हटाना चाहता था। हाल में उसने अमर की हत्या के लिए दरियापुर निवासी चन्दन यादव से बात की तो उसने डेढ लाख रुपये की डिमांड कर दी। बातचीत में 80000 हजार रूपये में ठेका हुआ। यह सारी बातचीत उसके सामने ही हुई थी। इसके बाद निराले ने 10 अगस्त को भोर में करीब 3 बजे चंदन यादव को घर बुलाया। चंदन अपनी बाइक गली में खड़ी कर अपने एक साथी के साथ घर आया और पति के साथ छत पर गया। वहां अमर सो रहा था। इसके बाद निराले, चंदन और उसके साथी ने मिलकर अमर की हत्या कर दी। सारी कहानी जानने के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया।
इसी बीच थानेदार को मुखबिर से सूचना मिली कि अमर की हत्या में शामिल अभियुक्त चन्दन यादव पुत्र अभयराज निवासी दरियापुर बैरकडीह होते हुये अपनी बाइक से शाहगंज जनपद जौनपुर की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने बैरकडीह बैरियर पर पहुंचकर उसके आने का इंतजार करने लगी। इसी बीच एक व्यक्ति बाइक से हुब्बीगंज की ओर से आता दिखायी दिया। मुखबीर के इशारे पर पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी में उसके पास से 10 हजार रूपये नगदी बरामद की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अमर बरनवाल की 01 अदद मोबाइल व 02 अदद सिम को अभियुक्त के दुकान ग्राम राजापुर से बरामद किया। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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