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लगभग सब कुछ खुल तो गया है लेकिन 08 जून से लागू नियम और शर्तों पर भी नजर डाल लें !

डीएम ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के सम्बंध में अनलॉक -1 की तय मानक संचालन प्रकिया को विस्तार से बताया 

किसी को अगर हुई स्वास्थ्य समस्या तो तत्काल हेल्पलाइन नं0-18001805145 तथा कन्ट्रोल रूम 05462-220220 पर सम्पर्क करना होगा- डीएम 

08 जून-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रकिया के क्रम में उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं, जिन्हें दिनॉक 08 जून 2020 लागू किये जाने का निर्देश प्रदान किया गया है।
तत्क्रम में जनपद आजमगढ़ के परिप्रेक्ष्य में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के सम्बंध में कपितय प्राविधान लागू होंगे। उन्होने बताया कि संक्रमण के खतरे के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा के दृष्टिगत समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, सह रूग्णता से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियों और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे घरों के अन्दर ही रहेंगे, सिवाय ऐसी परिस्थिति के जिनमें स्वास्थ्य सम्बंधी आवश्यकताओं हेतु बाहर निकलना आवश्यक हो। सभी कर्मी/व्यवस्थापक/प्रबंधक एवं आगन्तुकों द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम के सामान्य उपाय, जिनमें महामारी के संक्रमण कम करने में जन-स्वास्थ्य सम्बंधी सामान्य उपाय समिम्मलित हैं, का अनुपालन करना होगा। जिसमें फेसकवर/मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा। प्रत्येक व्यक्ति सार्वजनिक स्थलों एक दूसरे से 06 फीट की दूरी रखेगा। सभी भवनों/धर्मस्थलों में प्रवेश से पूर्व हाथों को एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से किटाणुरहित किया जायेगा। श्वसन सम्बंधी शिष्टाचारों का कड़ाई से अनुपालन किया जायेगा। अपने स्वास्थ्य का स्वयं पर्यवेक्षण करते हुये किसी भी प्रकार की बीमारी के सम्बंध में तत्काल स्वास्थ्य हेल्पलाइन नं0-18001805145 तथा जिला कन्ट्रोल रूम 05462-220220 पर सम्पर्क करना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना पूर्णतया प्रतिबंधित है। सभी को आरोग्य सेतु एवं आयुष कवच ऐप का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया जायेगा। धर्मस्थल/पूजास्थल में कोविड -19 संक्रमण के प्रसार को रोकने हेतु सुरक्षात्मक उपायों हेतु मानक संचालन प्रक्रिया का निर्धारण- कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धार्मिक पूजा स्थल खोले जा सकते हैं। सभी धार्मिक स्थानों पर मानक संचालन प्रक्रिया की जानकारी जन सामान्य तक प्रसारित करने के उद्देश्य से धर्मगुरूओं की बैठके कर निर्धारित एसओपी से अवगत कराते हुये सभी सावधानियों सुनिश्चित करने की जानकारी देंगे। धर्मस्थलों पर एक बार में एक स्थान पर 05 से अधिक व्यक्ति नहीं होंगे। इस सम्बंध में द0प्र0सं0 की धारा 144 के अंतर्गत जारी निषेधाज्ञा का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिन व्यक्तियों में संक्रमण के लक्षण न पाये जाय, उन्हीं लोगों को अंदर में आने की अनुमति दी जायेगी। सभी व्यक्तियों को फेस कवर/मास्क पहनना अनिवार्य होगा। परिसर के बाहर पार्किंग स्थल पर भीड़ प्रबंधन के समय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। इस हेतु फर्श पर दो गज की दूरी पर गोले बनाये जायेंगे अथवा मार्किंग की जायेगी। प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था की जायेगी तथा लाइन बनाने हेतु 2 गज की दूरी पर गोले बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रतिमाओं/मूर्तियों/धर्मिक ग्रन्थों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। सभा/मण्डली प्रतिबंधित हैं। धार्मिक स्थल के अंदर किसी प्रकार का प्रसाद वितरण अथवा पवित्र जल का छिड़काव नहीं होगा। श्रद्धालु अथवा पुजारी किसी भी प्रकार किसी को भी स्पर्श नहीं करेंगे। लंगर/सामुदासिक रसोई,/अन्नदान आदि हेतु भोजन तैयार करते समय एवं परोसते समय सामाजिक दूरी के मानकों का अनुपालन करना होगा। परिसर के अंदर शौचालय , हाथ पैर धोने के स्थान पर स्वच्छता हेतु विशेष उपाय करने होंगे। परिसर के फर्श को विशेष रूप से कई बार साफ किया जायेगा। आगन्तुक अपने फेसकवर/मास्क/ग्लब्स आदि को सार्वजनिक स्थानो पर नहीं छोड़ेंगे। यदि ऐसी कोई सामग्री मिलती है तो उसका उचित निपटान सुनिश्चित किया जायेगा। परिसर में संदिग्ध या पुष्ट हुए मामले पर निम्न कार्यवाही की जायः उन्हें ऐसी जगह या कमरे में रखे जहाँ वे सबसे दूर (आइसोलेट) हो। उन्हें तब तक के लिए फेस मास्क दे जब तक डॉक्टर उनकी जांच न कर ले । निकटतम हास्पिटल/क्लिनिक या प्रदेश अथवा जिला कन्ट्रोल रूम को तुरंत सूचित करे । अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया हो तो पूरे परिसर को खाली कराके कम से कम दो बार कीटाणुशोधन किया जायेगा।
चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य कार्यालय कन्टेनमेंट जोन में बंद रहेंगे। कन्टेनमेंट जोन के बाहर स्थित कार्यालयों को खुलने की अनुमति होगी जिनमें कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने हेतु उपाय सुनिश्चित किये जायेंगे, जिसमें प्रवेश द्वारों पर हाथों को किटाणुरहित करने हेतु सेनिटाइजर डिस्पेंसर एवं थर्मल स्कीनिंग का प्रबन्ध किया जाना अनिवार्य होगा। जिन व्यक्तियों में संक्रमण के लक्षण न पाये जाय , उन्हीं लोगों को आने की अनुमति दी जायेगी। कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जो कन्टेनमेंट जोन में रहता है , उन्हें अपने पर्यवेक्षक अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी और तब तक कार्यालय में उपस्थित नही होना होगा जब तक कन्टेनमेंट जोन निरस्त न कर दिया जाय। ऐसे कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति होगी तथा इस अवधि को अवकाश के रूप में नहीं गिना जायेगा। सभी संवेदनशील कर्मचारी यथा वृद्ध, गर्भवती महिला तथा जो निरंतर चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में हों जैसे दमा, मधुमेंह, कैंसर, किडनी सम्बंधी रोग वाले मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाय तथा उन्हें जनता के साथ सीधे सम्पर्क में आने वाले फ्रंटलाइन कार्य में योजित न किया जाय। यथासम्भव उन्हें घर से कार्य करने की अनुमति दी जाय। सभी अधिकारी/कर्मचारीगण एवं आगन्तुकों को फेस कवर/मास्क पहनकर ही अंदर आने की अनुमति होगी। बैठकें वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाये। कार्यालय स्थलों पर बार-बार स्पर्श की जाने वाली सतहों को नियमित अंतराल पर सेनिटाइज कराया जायेगा। वाशरूम में हैण्ड सेनिटाइजर , साबुन और बहते पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। कार्यालयों में बैठने की व्यवस्था इस प्रकार की जाय कि सामाजिक दूरी के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। लिफ्ट का उपयोग हतोत्साहित करते हुये सीढ़ियों का प्रयोग किया जायेगा, ताकि सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जा सके। एयर कंडीशनिंग एवं हवादार फूड कोर्ट हेतु सीपीडब्ल्यूडी द्वारा दिये गये दिशा - निर्देशों का पालन किया जाय जिसमें इस बात पर जोर दिया जाय कि एयर कंडीशनिंग का तापमान 24-30 डिग्री की रेंज में हो , जिसके सापेक्ष ह्यूमिडिटी की रेंज 40-70 प्रतिशत हो। हवादार प्रतिष्ठानों में ताजी हवा का प्रवेश ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए और कॉस वेंटीलेशन पर्याप्त होना चाहिये।
उक्त उपायों के बावजूद कर्मचारियों में कोविड-19 संक्रमण पाये जाने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी परिस्थिति में जब एक या कुछ व्यक्ति, एक कमरा कार्यालय साझा करते हैं, कोविड -19 के लक्षण से ग्रस्त पाये जाते हैं, तो बीमार व्यक्ति को एक कमरे या क्षेत्र में रखा जाय जहाँ वह दूसरों से अलग (आइसोलेट) हो। उन्हें तब तक के लिए फेस मास्क दे जब तक डॉक्टर उनकी जांच न कर ले। तत्काल स्वास्थ्य हेल्पलाइन नं0- 18001805145 या जिला कन्ट्रोल रूम 05462-220220 या निकटतम अस्पताल पर सम्पर्क कर जानकारी दें। जोखिम का मूल्यांकन स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा किया जायेगा, तद्नुसार मामले के प्रबंधन एवं उनके सम्पर्को को किटाणुरहित करने की सलाह दी जायेगी। स्वास्थ्य कर्मचारी के मूल्यांकन में यदि व्यक्ति हल्के लक्षणों वाला है तो उसे होम क्वारंटाइन किया जायेगा। यदि स्वास्थ्य अधिकारी गम्भीर लक्षणों का मूल्यांकन करता है तो उन्हें उचित स्वास्थ्य सुविधा सहित प्रोटोकाल के अनुसार उपचार की कार्यवाही की जायेगी। मरीज की रिपोर्ट पाजिटिव मिलते ही कान्टैक्ट ट्रेसिंग और निःसंक्रमण की त्वरित कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
यदि कार्यस्थल पर 1 या 2 प्रकरण ही चिन्हित हैं तो किटाणुरहित किये जाने की प्रक्रिया पिछले 48 घंटों में रोगी द्वारा किये गये भ्रमण स्थलों तक ही सीमित रहेगी। सम्पूर्ण कार्यालय भवन अथवा अन्य क्षेत्रों में कार्य बंद करने की आवश्यकता नहीं है। सहाँ निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार निःसंक्रमित किये जाने के पश्चात पुनः कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है । यदि किसी परिस्थिति में बड़ी संख्या में प्रकरण आते है तो पूरी तरह से किटाणु रहित किये जाने के पश्चात भवन/ब्लाक को 48 घंटे के लिये बंद करना होगा। जब तक भवन को विसंक्रमित करने के उपरान्त पुनः कार्य करने योग्य घोषित नही कर दिया जाता तब तक सभी कर्मचारी घर से ही कार्य करेंगे। यदि आवश्यक सेवाओं का कार्यालय है तो वैकल्पिक स्थान पर कार्यालय संचालन की व्यवस्था की जायेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निःसंक्रमण हेतु विशेष दिशा निर्देश जो विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, का अनुपालन किया जायेगा। कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने हेतु सुरक्षात्मक उपायों हेतु मानक संचालन प्रक्रिया के निर्धारण हेतु कन्टेनमेंट जोन के सभी माल, रेस्टारेंट, होटल बन्द रहेंगे, केवल कन्टेनमेंट जोन के बाहर के माल, रेस्टोरेंट, होटल को ही खोलने की अनुमति होगी। सभी माल, रेस्टारेंट, होटल में समस्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगातार चालू हालत में रहेंगे। प्रवेश द्वारों पर आगन्तुको हेतु एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर एवं थर्मल स्क्रीनिंग का प्रबन्ध किया जाना अनिवार्य है। सभी स्टाफ/आगन्तुकों को फेस कवर/मास्क पहनकर ही अंदर आने की अनुमति होगी। महामारी की रोकथाम सम्बंधी उपायों के जन जागरूकता एवं प्रचार - प्रसार किये जाने हेतु परिसर में पोस्टर/स्टैण्डीज/आडियो-विजुअल्स का प्रयोग प्रमुखता से किया जायेगा। 65 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मियों, गर्भवती महिला कर्मियों और किसी रूग्ण कर्मी को नियोजित न किया जाय। उन्हे घर से किये जा सकने में वाले कार्यों में ही नियोजित किया जाय। रेस्टोरेंट/होटल/फूडकोर्ट में बैठकर खाने के बजाए भोजन पैक कराकर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाय। फूड डिलीवरी कर्मी फेसमास्क/ग्लब्स का अनिवार्य रूप से प्रयोग करे। डिलीवरी करते समय पैकेट को कस्टमर के दरवाजे पर छोड़ दे। पैकेट सीधा कस्टमर का ना दे। होम डिलवरी के लिए जाने वाले सभी कर्मियों द्वारा आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किये जायें एवं उनकी थर्मल स्क्रीनिंग अवश्य की जाय। डिस्पोजेबल मैन्यू का प्रयोग किया जाय। कपड़े के नैपकिन के बजाए डिस्पोजेबल कागज के नैपकिन का प्रयोग किया जाय। बिल्डिंग के अन्दर प्रभावी एवं बार-बार सेनिटाइजेशन कराया जायेगा, जिसमें ज्यादा ध्यान शौचालय, पीने के पानी और हाथ धोने के स्थान पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। सैनिटाइजेशन में प्रयुक्त सामग्री एवं उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के उपरान्त ही खोलने की अनुमति प्रदान की जायेगी। ज्यादा छूये जाने वाली सतह (दरवाजे के हैंडल, लिफ्ट के बटन, रेलिंग, बेंच, शौचालय, वाश बेसिन एवं इनमें लगी टोटियों आदि) की नियमित सफाई कीटाणुशोधक (1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराइड का घोल) से की जायेगी। सभी आगन्तुक कक्ष और सामान्य क्षेत्रों में इसका छिड़काव जरूर किया जायेगा। जब ग्राहक मेज छोड़कर जाय तो हर बार मेंज को सेनेटाइज किया जायेगा। गेमिंग आर्केड/बच्चों के खेलने की जगह बंद रहेगी। माल्स में सिनेमा हाल बंद रहेंगे। होटलों में ऑन लाइन फार्म/डिजिटल पेमेंट, ई वालेट का इस्तेमाल चेक ऑउट के समय किया जाय ताकि व्यक्ति एक-दूसरे से सम्पर्क में कम से कम आ सके। होटल प्रबन्धन द्वारा 24 घण्टे में तीन बार पूरे परिसर को सेनेटाइज कराया जायेगा तथा शौचालय, वॉस बेसिन, पीने के पानी वाले स्थान को कम से कम चार बार सेनेटाइज कराया जाना अनिवार्य होगा। बिल्डिंग में संदिग्ध या पुष्ट होने पर उन्हें ऐसी जगह या कमरे में रखे जहाँ वे सबसे दूर (आइसोलेट) हो। उन्हें तब तक के लिए फेस मास्क दे जब तक डॉक्टर उनकी जांच न कर ले। निकटतम हास्पिटल/क्लिनिक या प्रदेश अथवा जिला कन्ट्रोल रूम को तुरंत सूचित करे। अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया हो तो पूरी बिल्डिंग को 24 घंटे के लिये खाली कराके कम से कम दो बार कीटाणुशोधन किया जायेगा। तद्नुसार दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये आवश्यक कार्यवाही सम्पन्न करायी जाय।

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