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सौगात ! बहुचर्चित एक जनपद एक उत्पाद योजना में चयनित हुई मुबारकपुर की रेशमी साडी

निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी के अलावा अब मुबारकपुर की साड़ी ओडीओपी में शामिल हुई 

आजमगढ़ : वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से परेशान आजमगढ़ जनपद के रेशम नगरी के नाम से मशहूर मुबारकपुर कस्बे के बुनकरों के लिए मंगलवार का दिन सौगात लेकर के आया। ऐसी स्थिति में जब बुनकर अपनी आजीविका को लेकर परेशान थे, उसी दौरान शासन की ओर से मुबारकपुर की इस पहचान को बहुचर्चित एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत चयनित करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही जीआई टैगिंग यानी विशेष पहचान की भी मांग पूरी होगी। इस योजना के तहत अभी तक जनपद में ब्लैक पॉटरी को शामिल किया गया था। दरअसल, शासन की ओर से प्रत्येक जनपदों के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद एक उत्पाद योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत निजामाबाद की विश्वप्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी को चुना गया था। योजना के लागू होने के बाद ब्लैक पॉटरी के कारोबार में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई थी। सालाना एक करोड़ के आसपास होने वाला ब्लैक पॉटरी का कारोबार योजना में चिन्हित होने के बाद सालाना 8 से 10 करोड़ के आसपास पहुंच गया।
जनपद में रेशम नगरी के नाम से मशहूर मुबारकपुर में रेशमी साड़ी का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। सालाना लगभग एक अरब का कारोबार होने के बाद भी इसकी कोई लोकल पहचान नहीं है। यहां की बनाई साड़ियां आज भी बनारसी साड़ी के नाम पर देश और विदेश में पहचानी जाती हैं काफी समय से जनपद में बड़े पैमाने पर होने वाले इस उद्योग को भी एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल करने की मांग उठ रही थी।
इसके लिए कमिश्नर और जिलाधिकारी की ओर से भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। जनपद के जिलाधिकारी का पद संभालने के बाद एनपी सिंह ने भी इसके लिए शासन से विशेष वार्ता की थी। प्रकरण अभी विचाराधीन हीं था कि इस बीच लाकेडाउन होने से मामला पेंडिंग में चला गया। लॉक डाउन होने के बाद मुबारकपुर के बुनकरों की हालत काफी खराब थी।
कच्चा माल खत्म हो जाने और तैयार माल नहीं निकल पाने के कारण इस उद्योग से जुड़े लाखों बुनकरो का काम ठप हो गया था। करघे और पावर लूम का शोर सुनाई देना बंद हो गया था। ऐसी स्थिति में बुनकरों के सामने अपनी आजीविका चलाने की समस्या खड़ी हो गई थी। इस बीच मंगलवार का दिन सौगात लेकर के आया। शासन ने मुबारकपुर की रेशमी साड़ी उद्योग को ओडीओपी के तहत चयनित करने का फैसला लिया है ।
जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि योजना के तहत इस उद्योग की चयनित होने से बुनकरों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें मुद्रा योजना और ऐसी सरकार की तमाम योजनाओं के तहत लोन आदि की भी सुविधा मिलेगी। अपने उत्पाद को बाजार में अच्छा मूल्य और पहचान देने में भी मदद मिलेगी। उपायुक्त उद्योग प्रवीण मौर्य ने बताया कि योजना में मुबारकपुर के बुनकरों की वर्षों पुरानी मांग जीआई टैगिंग अपने उत्पाद की कराते हैं तो मुबारकपुर की साड़ी को अपनी विशेष पहचान भी मिल जाएगी। योजना में चयनित होने से कई लाभ मिलेंगे। योजना से वित्तपोषण की सुविधा मिलेगी और 25% छूट पर लोन मिलेगा। इसके साथ ही बुनकरों को प्रशिक्षण देकर के नई डिज़ाइनर के बारे में जानकारी दी जाएगी। उत्पाद को तैयार करने के लिए टूल किट आदि का वितरण किया जाएगा।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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