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आजमगढ़ : डीएम ने बताया लॉकडाउन के दौरान कौन कौन सेवाएं प्रभावित रहेंगी

23 मार्च से 25 मार्च  तक आवश्यक सेवाओं को छोड़ सभी अन्य कार्यालय एवं गतिविधियां बंद रहेंगी 

 आदेश के किसी अंश का उल्लंघन भा0द0वि0 की धारा 188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा

आजमगढ़ 23 मार्च-- वर्तमान समय में विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कोरोना वयरस (कोविड-19) संक्रमण को वैश्विक महामारी  घोषित करने तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में महामारी अधिनियम-1897 (अधिनियम संख्या-3 सन् 1897) की धारा 2, 3, 4 एवं उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली, 2020 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जनपद आजमगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण (कोविड-19 ) को रोकने के लिये जिला मजिस्ट्रेट नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने आदेशित किया है कि दिनांक 23 मार्च 2020 से 25 मार्च 2020 तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर समस्त सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्द्धसरकारी उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थायें, राजकीय निगम/मंडल एवं समस्त व्यापारी प्रतिष्ठान, निजि कार्यालय, माॅल्स, दुकानें, फैक्ट्रियों, वर्कशाप, गोदाम एवं सार्वजनिक परिवहन (रोडवेज, सिटी परिवहन, प्राइवेट बसें, टैक्सी, आटो रिक्शा आदि) पूर्णतया बंद रहेंगे। यह आदेश तात्कालिक प्रभाव से जनपद आजमगढ़ की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत लागू होगा।
उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर स्थिति का आकलन कर आवश्यक सेवाओं को परिभाषित करते हुये आवश्यक सेवाओं में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, गृह एवं गोपन/कारागार प्रशासन एवं सुधार (पुलिस/सशस्त्र बल एवं अर्द्धसैन्य बल), कार्मिक विभाग एवं जिला प्रशासन, ऊर्जा (समस्त बिजली के कार्यालय व बिलिंग सेंटर), नगर विकास, खाद्य एवं रसद (फल/सब्जी/दूध/डेयरी/किराना/पेयजल), आपदा एवं राहत/राज्य सम्पत्ति विभाग, सूचना, जनसम्पर्क एवं सूचना प्रौद्योगिकी, अग्निशमन/सिविल डिफेंस, आपालकालीन सेवाएँ, टेलीफोन/इण्टरनेट/डाटा सेंटर/नेटवर्क सर्विसेज/आई0टी0 इनेबिल्ड सर्विसेज एवं आई0टी0 सम्बंधित सेवाएँ, ऐसे डाटा सेंटर जो आई0टी0 सर्विसेज के संचालन के लिये आवश्यक है, डाक सेवाएँ, बैंक/एटीएम/बीमा कम्पनियाँ, ई-कामर्स (खाद्य वस्तु, होम डिलिवरी, ग्रासरी), प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया/सोशल मीडिया, पेट्रोल पम्प, एल0पी0जी0, आयल एजेंसी (इनसे सम्बंधित गोदाम एवं परिवहन के साधन), दवा की दुकान, चिकित्सकीय उपकरण, सामग्री एवं दवाइयों की निर्माण इकाइयाँ, आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, खाद्य सामग्री, कृषि उत्पाद एवं उनसे सम्बंधित निर्माण इकाइयों एवं इनके थोक एवं फुटकर विक्रेता तथा पशु चिकित्सा एवं पशु आहार से सम्बंधित इकाइयों एवं विक्रेता को समिम्मलित किया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में आमजन के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सेवाओं वाले विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सरकारी अधिकारी/कर्मचारी की स्थिति घर से कार्य करने की रहेगी। यद्यपि इन्हें फील्ड ड्यूटी हेतु निर्देशित करने के लिये सम्बंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/ सचिव, जिला कलेक्टर या सम्बंधित जिला स्तरीय अधिकारी स्वतंत्र होंगे। इस दौरान किसी भी सरकारी कार्मिक को विशेष या अपरिहार्य स्थिति के अलावा कोई अवकाश या मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नही होगी। जिन कर्मियों की स्थिति घर से कार्य करने की है, उन्हे कार्यालय समय के दौरान घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इस अवधि में समस्त प्रकार के सार्वजनिक परिवहन, रोडवेज, सिटी ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट बसें, टैक्सियाँ, आटोरिक्शा आदि के अन्तर्राज्यीय संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यद्यपि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से घर के लिये सीमित संख्या में जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध रहेंगे। सामग्री आपूर्ति वाले वाहन, चीनी मिलों के गन्ना ढुलाई करने वाले वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। आकस्मिक स्थिति में अस्पताल जाने हेतु निजि वाहन का प्रयोग किया जा सकेगा। बंद के दौरान आपात स्थिति में आवश्यकतानुसार परिवहन साधनों को परमिट जारी करने के लिये मुख्य सचिव/अपर मुख्य सचिव, गृह/प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सम्बंधित जनपद के जिला कलेक्टर/पुलिस आयुक्त अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी ही अधिकृत होंगे। आमजन को सूचना सुविधा हेतु जिले के नियंत्रण कक्ष एवं सम्बंधित अधिकारियों के सम्पर्क नम्बर प्रकाशित किये जायें।
उन्होने कहा कि पाँच से अधिक व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थल पर एक साथ इकट्ठा होने की पूर्णतः मनाही रहेगी। किसी भी सामाजिक/सांस्कृतिक/राजनैतिक/ धार्मिक/शैक्षणिक/खेल/संगोष्ठी/सम्मेलन/धरना आदि का आयोजन निषिद्ध रहेगा। साप्ताहिक बाजारों का आयोजन, प्रदर्शनियों आदि भी निषिद्ध रहेंगी।
यदि किसी स्थापना/सेवा के सम्बंध में यह भ्रम हो कि वह आवश्यक सेवाओं में आता है या नहीं तो उसके सम्बंध में निर्णय लेने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट का होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिये कि समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट, जनपद आजमगढ़ अपने-अपने तहसील क्षेत्र तथा प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आदेश का प्रभावी माध्यमों के द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार करवायेंगे तथा आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे। इस आदेश के उल्लंघन का संज्ञान जनपद में तैनात पुलिस अधीक्षक अथवा उससे वरिष्ठ किसी भी पुलिस अधिकारी अथवा तहसीलदार मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) द्वारा लिया जा सकेगा तथा इस आदेश अथवा आदेश के किसी अंश का उल्लंघन भा0द0वि0 की धारा 188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा। उल्लिखित अनुमतियाँ नामित पुलिस अधिकारी/मजिस्ट्रेट द्वारा समस्त परिस्थितियों पर विचारोपरान्त नियमानुसार जारी की जा सकेंगी।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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