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सूत्रधार के 03 दिवसीय राष्टीय नाट्य समारोह आज़मगढ़ रंग महोत्सव 2020 का शुभारंभ हुआ


लखनऊ के प्रसिद्ध रंगकर्मी आतमजीत सिंह को 5 वें सूत्रधार सम्मान से नवाजा गया

पहली नाट्य संध्या में नाटक 'सौदागर' का भावपूर्ण मंचन हुआ 

आज़मगढ़ : सूत्रधार संस्थान आज़मगढ़ द्वारा शारदा टाकीज में आयोजित तीन दिवसीय राष्टीय नाट्य समारोह आज़मगढ़ रंग महोत्सव 2020 का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी महोदय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। ततपश्चात लखनऊ के प्रसिद्ध रंगकर्मी आतमजीत सिंह को 5 वें सूत्रधार सम्मान से नवाजा गया। जिसमेंअंगवस्त्रम ,मोमेंटो के अतिरिक्त 11 हज़ार रु की धनराशि दी गयी।
इसके पूर्व पूर्वरंग के अंतर्गत रसरंग फाउंडेशन कानपुर के कलाकारों ने लोक बोलियों पर आधारित प्रस्तुति 'कोस कोस पर बदले पानी चार कोस पर बानी' नामक लोकगायन की प्रस्तुति निदेशक नीरज कुशवाहा के दल द्वारा किया गया। जिसमें सुनील चतुर्वेदी,दिव्य,प्रतिभा,आकांक्षा,अपर्णा,ब्रिज शुक्ल और सुरेंद्र शामिल रहे।आरंगम के पहली नाट्य संध्या में अंतरार्ष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्देशक पद्मश्री बंशी कॉल के निर्देशन में रँग विदूषक भोपाल के कलाकारों ने बर्तोल्त ब्रेख्त के नाटक 'एक्ससेप्सन एन्ड दी रूल' पर आधारित नाटक 'सौदागर' का भावपूर्ण मंचन किया ।
नाटक की कथावस्तु इस प्रकार रही। नाटक में प्रत्येक पात्र को उनकी मनः स्थिति एवं सामजिक परिवेश से जोड़कर समझने की कोशिश की गई है। हर मानवीय क्रिया के पीछे के कारण को देखने पर वह हमें उचित लगने लगती है। एक सौदागर अपने तरीके से चीजो को देखेगा और दूसरे अपने तरीके से, पर अपनी परिस्थितियों के अनुसार जो उसे उचित लगता है वही करता है। इसलिए नाटक अपने अंत मे भी किसी को दोष नही देता बल्कि व्यवस्था को दोषी ठहरता है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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