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आजमगढ़ : दावत के दौरान सगे साले की हत्या का आरोपित जीजा 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार


प्रतिबंधित बोर की रिवाल्वर बरामद, हत्यारोपी जीजा और मृत साले दोनों पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले  

एसपी ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को दिया 25 हजार का पुरूस्कार 

आजमगढ़ : सिधारी थाना क्षेत्र के नई कालोनी पल्हनी में मंगलवार की रात साले की हत्या के बाद फरार चल रहे हत्यारोपित जीजा को पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर बेलइसा ओवरब्रिज के समीप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सरकारी (आम आदमी के लिए प्रतिबंधित) रिवाल्वर बरामद किया। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पच्चीस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बरदह थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव निवासी अभिषेक उर्फ प्रिंस सिधारी क्षेत्र के नई कालोनी पल्हनी निवासी एक अधिवक्ता के मकान में किराए पर पत्नी संग रहता है। उनका साला 26 वर्षीय प्रदीप सिंह उर्फ पेटबल्ली पुत्र गोविद निवासी ग्राम सुल्तानीपुर नयापुरा, थाना तरवां नया वर्ष मनाने के लिए मंगलवार को बहनोई अभिषेक के यहां आया था। मंगलवार की रात साढ़े बारह बजे अभिषेक व प्रदीप में किसी युवती से बात करने की बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के दौरान अभिषेक ने प्रदीप के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रदीप के पिता गोविद ने अभिषेक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। हत्या के बाद से फरार चल रहे अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस की तीन टीमें लगाई थीं। बुधवार की देर शाम सिधारी पुलिस ने फरार चल रहे अभिषेक को बेलइसा ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त प्रतिबंधित .38 बोर का रिवाल्वर व कारतूस का खोखा बरामद किया। एसपी ने पकड़े गए हत्यारोपित को गुरुवार की दोपहर को मीडिया कर्मियों के सामने प्रस्तुत किया। गिरफ्तार आरोपित ने बताया कि रिवाल्वर को उसने अहरौला के एक व्यक्ति के यहां से चोरी की थी। एसपी ने कहा कि उक्त रिवाल्वर पुलिस व फोर्स के पास ही रहती है। आरोपित ने जिसका नाम बताया उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस टीम को लगा दिया है। एसपी ने कहा कि उसके मिलने के बाद ही पता चलेगा कि रिवाल्वर कहां से चुराया था। बरामद रिवाल्वर के बारे में पता करने के लिए उन्होंने पुलिस मुख्यालय भी सूचना भेज दी है।
एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार  अभिषेक के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर समेत लगभग दस संगीन अपराधिक मुकदमा बरदह थाने में दर्ज है। वह हत्या के मुकदमे में साढ़े चार वर्ष तक जेल में रहा। वर्ष 2010 में जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया था। मृत प्रदीप भी एक पेशेवर अपराधी था। उसके खिलाफ लूट समेत लगभग आधा दर्जन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। प्रदीप व अभिषेक के अन्य आपराधिक रिकार्ड को भी पुलिस खंगाल रही है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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