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आजमगढ़ : सीएए में किसी की नागरिकता को छिनने की बात नही कही गयी है- जिलाधिकारी


बिलरियागंज में अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मौलाना, इमाम के साथ डीएम व एसपी ने की बैठक 

  जमहूरियत में कानून के दायरे में रहकर अपनी बात हूकूमत तक पहुॅचाने का सभी को पूरा हक है- डीएम 

आजमगढ़ 22 दिसम्बर-- नागरिकता संशोधन कानून 2019 को लेकर जनपद में तनाव व्याप्त है, इससे शांति बनाये रखने के लिए अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मौलाना, इमाम के साथ जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह की अध्यक्षता में विकास खण्ड बिलरियागंज में बैठक सम्पन्न हुई।  इस अवसर पर इमाम ताहिर व मौलाना इसहार ने नौवजवानों से अपील किया कि अपने भावनाओं पर नियन्त्रण रखे, और शान्ति बनाये रखे। इसी के साथ ही अनके प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी से अपील किया कि यदि किसी को भी सीएए से या किसी के स्टेटमेण्ट से नाराजगी है तो आप लोग अपना ज्ञापन दे, मै उसे शासन में भेजूंगा । उन्होनेे कहा कि सीएए में किसी की नागरिकता को छिनने की बात नही कही गयी है। इसी के साथ उन्होने बताया कि माह अगस्त 2019 मे ंही प्रत्येक गांव में  स्टूडेण्ट डेवलपमेण्ट कैडेट की दो-दो टीमें बनायी गयी है। उक्त टीमों को भी सरकार द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया है तथा नागरिकता संशोधन कानून 2019 के बारे में भी विस्तार से बताया गया है, ये स्टूडेण्ट डेवलपमेण्ट कैडेट अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को बताएँगे । इसी के साथ जिलाधिकारी ने बताया कि आपके जनपद में एपीजे अब्दुल कलाम आजाद फाउण्डेशन बनाया जायेगे, जिसके अन्तर्गत आप लोगों के समुदाय का कोई बच्चा जो पढ़ने मे तेज है वह आर्थिक रूप से कमजोर है उसे इस फाउण्डेशन के तहत सहायता दी जायेगी। इसके अन्तर्गत खिलाड़ियों को भी सहायता दी जायेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज शहरीयत तरमीम कानून 2019 को लेकर पूरे मूल्क में एक हंगामा बरपा है। उन्होने बताया है कि शहरीयत तरमीम कानून 2019 (सीएए) को एनआरसी या एनआरपी से जोड़कर न देखा जाय। शहरीयत तरमीम कानून 2019, 1955 के शहरीयत तरमीम कानून में कुछ तबदीलियां करता है, जिसके तहत् तीन मखसूस ममालिक अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान में मजहवी बुनियाद पर जुल्म का शिकार अकलीयत जैसे- हिन्दू, इसाई, सिक्ख, बुद्ध, जैन, पारसी को हिन्दुस्तानी शहरीयत को मौका फराहम करता है। मौजूदा लगभग 30 करोड़ हिन्दुस्तानी मुसलमान पर यह कानून किसी भी तरह असर अंदाज नही होता, जो अपने हिन्दू हम वतनों के बराबर का हुकूक रखते हैं और आईन्दा भी रखते रहेंगे। इस कानून के नेफाज के बाद किसी भी हिन्दूस्तानी खासतौर से मुसलमानों को अपनी शहरीयत साबित करने के लिए किसी भी तरह के दस्तावेज पेश करने को नही कहा जायेगा और ना ही मुसलमानों की शहरीयत रद्द होगी। शहरीयत तरमीम कानून 2019 हिन्दुस्तानी मुसलमानो पर किसी भी तरह से असर अंदाज नही होता है।
तारीख गवाह है कि आजमगढ़ एक मुशतरका तहजीब का गहवारा रहा है, यहां के आपसी इत्तेहांद से पूरी दुनिया वाकिफ है, बेशक् आप एक जमहूरी मुल्क में रहते हैं, जमहूरियत में अपने गमों गुस्से का इजहार करने का आपको पूरा हक है। जमहूरियत में आपको अपनी बात हूकूमत तक पहुॅचाने का पूरा हक है। आप अपने गमों गुस्से का पूरी तरह से इजहार करें, मगर कानून के दायरे में रहकर कानून को अपने हाथ में न लें।
जिलाधिकारी ने सभी से मोअद्दबाना से अपील किया है कि आप लोग आपसी भाईचारा व अम्नों अमान बनाये रखें। सरकारी मिलकीयत आपकी मिलकीयत है, जजबात में आकर कोई काम ऐसा न करें, जिससे मुशतरका तहजीब पामाल हो और सरकारी मिलकीयत को नुकसान पहुॅचे।
उन्होने आशा व्यक्त किया है कि मेरी अपील पर असरअंदाज होगी और जिले का अमनोअमान बनाये रखने के लिए शाना-ब्-शाना आप मेरे साथ चलेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह गाॅधी का देश है, शांति आधारित देश है, इस्लाम की बुनियाद भी शांति पर आधारित है। जमहूरियत के अनुसार सबको अपनी बात शांतिपूर्वक रखने की आजादी है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गुरू प्रसाद, एसपी ट्रैफिक मो0 तारिक, एसडीएम सगड़ी रावेन्द्र सिंह, बीडीओ बिलरियागंज आदि संबंधित उपस्थित रहे। 

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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