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दूसरे आज़मगढ़ अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म उत्सव का आयोजन 19 से 21 अक्टूबर तक

ख्यातिलब्ध नाट्य संस्था सूत्रधार व  निनाद फाउंडेशन का संयुक्त आयोजन,  बॉलीवुड के लगभग 10 जाने माने फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, अभिनेता शामिल हो रहे है

आज़मगढ़ : पिछले साल की अपार सफलता के बाद इस साल आगामी 19-21 अक्टूबर 2019 को स्थानीय शारदा टॉकीज़ मड्या में दूसरे आज़मगढ़ अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म उत्सव का आयोजन देश की ख्यातिलब्ध नाट्य संस्था सूत्रधार आज़मगढ़ निनाद फाउंडेशन के साथ मिलकर करने जा रही है। 
दूसरे आज़मगढ़ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म उत्सव की संयोजक ममता पंडित ने आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन के इस फ़िल्म समारोह में हमने अन्तर्राष्ट्रीय मानक के कुल सात फिल्मो का चयन किया है।जिनका प्रदर्शन हम इस फ़िल्म फेस्टिवल में करने जा रहे है जो कि दर्शकों के लिए निःशुल्क होंगी।इस समारोह में बॉलीवुड के लगभग 10 जाने माने फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, अभिनेता शामिल हो रहे है।जिसमे प्रमुख रूप से पीयूष मिश्रा व पवन मल्होत्रा के नाम शामिल है।पीयूष मिश्रा गैंग ऑफ वासेपुर से चर्चित हुए साथ ही इन्होंने हैप्पी भाग जाएगी,पिंक,रॉकस्टार,गुलाल जैसे चर्चित फिल्मो में अपने जबरदस्त अभिनय से अपनी पहचान बनाई है तो वही अस्सी के दशक में दूरदर्शन के सुपरहिट सीरियल 'नुक्कड़' से चर्चित हुए पवन मल्होत्रा 'सलीम लँगड़े पर मत रो' जब वी मेट और 'भाग मिल्खा भाग' से पहचाने जाते है।
दूसरे आज़मगढ़ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का शुभारंभ 19 अक्टूबर की शाम 5 बजे किया जाएगा। जिसके पश्चात राष्ट्रीय पुरष्कार प्राप्त रंगकर्मी अभिषेक पंडित व पीयूष मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से उनके बैंड 'बल्लीमारान'के लोकप्रिय गीतों का गायन कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।उसके बाद कामख्या नारायण सिंह की चर्चित फील 'भोर' का प्रदर्शन होगा।
इस उत्सव के दूसरे दिन सुबह 10:30 पर पीयूष मिश्रा जी आज़मगढ़ के युवाओं व दर्शको से सीधा संवाद करेंगे जो कि दोपहर तक चलेगा।दोपहर दो बजे से डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फ़िल्म 'जेड प्लस' का प्रदर्शन किया जाएगा जिसमे मुख्य भूमिका आदिल हुसैन व अन्नू कपूर की होगी।इसके लेखक राम कुमार सिंह इस सत्र में संवाद के लिए मौजूद रहेंगे।शाम 4 बजे से अमित राय द्वारा निर्देशित व ओमपुरी,परेश रावल,पवन मल्होत्रा अभिनीत फ़िल्म 'रोड टू संगम' दिखाया जाएगा।यह फ़िल्म महात्मा गांधी के डेढ़ सौवीं जयंति पर उन्हें समर्पित है। शाम 6:30 बजे से 'भूलन-द मेज़' का प्रदर्शन रखा गया है जिसका निर्देशन मनोज वर्मा ने किया है। इस समारोह के तीसरे व आखरी दिन देश भर से जुटे डेलीगेट्स व आजमगढ़ के युवाओं के लिए विश्व सिनेमा पर जाने माने अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समीक्षक अजित राय जी की मास्टर क्लास का आयोजन है। दोपहर 2 बजे शिवमूर्ति की प्रसिद्ध कहानी 'तर्पण' पर इस नाम से नीलम आर.सिंह के निर्देशन में बनी फ़िल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।जिसमे मुख्य भूमिका एनएसडी से प्रशिक्षित नंद पंत की है।शाम 7 बजे समारोह की समापन फ़िल्म 'धूमकुड़िया' के प्रदर्शन के बाद समापन सत्र का आयोजन रखा गया है।इस साल के फ़िल्म फेस्टिवल का थीम दलित आदिवासी अस्मिता व सामाजिक न्याय रखा गया है।
आयोजन के प्रचार प्रसार में संलग्न डॉ. अलका सिंह ने बताया कि हमे इस आयोजन में स्थानीय जिला व पुलिस प्रशासन के अतिरिक्त डॉक्टर शिक्षक समुदाय का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है।साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आज़मगढ़ व आस पास के युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करना चाहिए।अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत हम इस साल 18 साल से कम आयु वर्ग के दर्शकों का प्रवेश वर्जित रखा गया है।दिल्ली,पटना,लखनऊ,वाराणसी,गोरखपुर,बलिया,रीवा,प्रयागराज से कुल 50 युवा डेलीगेट्स भी शामिल हो रहे है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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