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मण्डलायुक्त ने कन्या सुमंगला योजना में खराब प्रगति पर सीएमओ बलिया से माँगा स्पष्टीकरण

बलिया में ऑनलाइन आवेदनों ,उनके सत्यापनोपरान्त फारवर्ड किये जाने की स्थिति से नाराज कमिश्नर ने पर डिस्ट्रिक्ट कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर को हटाने का भी निर्देश दिया

आज़मगढ़ 23 अक्टूबर -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कन्या सुमंगला योजना के तहत मण्डल के जनपदों में ऑन लाइन कराये गये आवेदनों एवं उनके सत्यापनोपरान्त फारवर्ड किये जाने की स्थिति पर असन्तोष व्यक्त करते हुए इसमें युद्धस्तर पर कार्य करते हुए दो दिन के अन्दर अपेक्षित प्रगति लाये जाने का निर्देश दिया है। मण्डलायुक्त ने मंगलवार को देर सायं अपने कैम्प कार्यालय पर इस योजना के अन्तर्गत मण्डल के तीनों जनपदों में अब तक आॅनलाइन एवं आॅफलाइन हुए आवेदनों की समीक्षा के दौरान पाया कि पहले स्टेज पर जनपद आज़मगढ़ में 128 एवं मऊ में 199 आॅनलाइन कराये गये आवेदनों को सत्यापनोपरान्त फारवर्ड किया गया है, परन्तु जनपद बलिया में मात्र 34 आवेदनों को ही फारवर्ड किया गया है। इसी प्रकार दूसरे स्टेज पर आज़मगढ़ में 131, मऊ में 230 आवेदनों को फारवर्ड किया गया है, इस स्टेज पर भी बलिया की उपलब्धि मात्र 18 है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग के स्तर से की जाने वाली पहले एवं दूसरे स्टेज की कार्यवाही में जनपद बलिया की प्रगति अत्यन्त खराब पाये जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जहाॅं मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया से इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण तलब किया है वहीं वहाॅं के डीसीपीएम (डिस्ट्रिक्ट कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर) को हटाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य तथा सीएमओ बलिया को निर्देशित किया कि तत्काल इसकी गहन विकास खण्डवार समीक्षा करें तथा जिस बीसीपीएम (ब्लाक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर) के स्तर पर घोर लापरवाही बरती गयी है उनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु संस्तुति भेजी जाय।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना प्रदेश सरकार की अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश में बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति को सुदृढ़ करना, कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लिंगानुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, नवजात कन्या के परिवार को आर्थक सहायता प्रदान तथा बालिका के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना व उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखना शासन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि कन्या सुमंगला योजना छः श्रेणियों में लागू है तथा इसके अन्तर्गत लाभार्थियों का वर्गीकरण करते हुए लाभार्थियों को एक हजार से 5 हजार रुपये तक की एक मुश्त धनराशि देय है। मण्डलायुक्त ने इस योजना के तहत हुई प्रगति की श्रेणीवार (स्टेजवाइज़) समीक्षा के दौरान पाया कि प्रथम एवं द्वितीय स्टेज पर आज़मगढ़ में 3042 व 1181 , मऊ में 698 व 547 एवं बलिया में 558 व 1138 आॅफलाइन आवेदन पत्र प्राप्त हैं। इसी प्रकार तृतीय स्टेज पर आॅनलाइन आज़मगढ़ में 855, मऊ में 402 एवं बलिया में 169 तथा आॅफलाइन क्रमशः 288, 250 एवं 265 आवेदन पत्र हैं। चैथे स्टेज पर आज़मगढ़, मऊ एवं बलिया में आनलाइन 288, 135 एवं 115 तथा आॅफलाइन 375, 198 एवं 100 आवेदन हैं। इसी प्रकार पाॅंचवें एवं छठें स्टेज पर भी आॅनलाइन आवेदनों को सत्यापन के उपरान्त फारवर्ड किये जाने की प्रगति कम है जबकि आफलाइन आवेदन पत्रों की संख्या अधिक है। मण्डलायुक्त ने इस सम्बन्ध में अपर निदेशक स्वास्थ्य के साथ ही संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को निर्देशित किया कि अधीनस्थ जनपद स्तरीय अधिकारियों के स्तर पेंडिंग आॅफलाइन आवेदन पत्रों को दो दिन के अन्दर आनलाइन कराते हुए डिजिटल सिग्नेचर से फारवर्ड कराना सुनिश्चिित करें ताकि उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी आवेदनों का सत्यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
इस अवसर पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, उप निदेशक महिला कल्याण ओंकारनाथ यादव, एडी बेसिक राजेश कुमार आर्य, आज़मगढ़ एवं मऊ के सीएमओ सहित अन्य मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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