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पूर्वांचल विकास बोर्ड के गठन से मिलेंगे विकास के नये आयाम, दूर होगा पिछड़ापन: नरेन्द्र सिंह

आज़मगढ़ में विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है तथा एयरपोर्ट भी विकसित हो रहा है-उपाध्यक्ष,पूर्वांचल विकास बोर्ड  

बोर्ड द्वारा क्षेत्र के पिछड़ेपन के कारणों को रेखांकित कर उस पर किया जायेगा पूरा फोकस: उपाध्यक्ष

आज़मगढ़ 20 सितम्बर -- प्रदेश के मा0 मुख्यमन्त्री जी द्वारा पूर्वांचल के पिछड़ेपन को दूर कर देश एवं प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की भांति विकसित किये जाने के दृढ़ संकल्प के दृष्टिगत गठित किये गये पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को मण्डलायुक्त सभागार के सभाकक्ष में आहूत की गयी। उन्होंने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज़मगढ़ में विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है तथा एयरपोर्ट भी विकसित हो रहा है। उन्होंने जनपद आज़मगढ़ में मार्गों को चैड़ा करने, सठियाॅंव चीनी मिल को और प्रोग्रेस देने, मुबारकपुर सिल्क साड़ी उत्पादकों के समक्ष आ रही समस्याओं को दूर करने, गल्ले की बड़ी मण्डी की स्थापना की दिशा में कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु सम्बन्धित सभी जनपदों की समस्याओं की जानकारी कर उसका स्थायी निराकरण करते हुए पूरे पूर्वाचल क्षेत्र को विकास के नये आयाम से रू-ब-रू कराना बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है। उन्होने कहा कि गठित बोर्ड में पूर्वांचल के सभी जनपदों के जन प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है, ताकि उस जनपद विकास को अवरुद्ध करने वाले कारणों का भली भांति अध्ययन कर उसको स्थायी रूप से दूर करते हुए पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को विकसित किया जा सके। उन्होने कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र देश एवं प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से काफी पिछड़ा हुआ है, इसे आर्थिक, औद्योगिक, व्यापारिक, शैक्षिक, सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने हेतु समिति का गठन किया गया है। उन्होने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासकीय अधिकारियों के सामन्जस्य से यह क्षेत्र बहुत जल्द ही देश के मानचित्र अपनी समृद्धि की पहचान बनाने में सफल होगा।
बैठक के दौरान मा0 मुख्यमन्त्री जी के आर्थिक सलाहकार केवी राजू द्वारा जनपदवार उपस्थित बोर्ड के सदस्यों से क्षेत्र के विकास में बाधक बन रही समस्याओं की जानकारी करते हुए कुल 13 इश्यू का रेखांकित किया गया जिसमें कृषि उपज का लाभकारी मूल्य, जल प्रबन्धन, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत, पर्यटन, कौशल विकास एवं उद्योग, पशुपालन, मत्स्य पालन, नगर विकास, ग्राम्य विकास शामिल है। इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु पूर्वांचल विकास के सदस्य, सम्बन्धित विभाग के अधिकारी, नियोजन विभाग के मण्डल/जिला स्तरीय अधिकारी एवं इंगित इश्यू के सम्बन्ध में रिसर्च करने वाले विश्वविद्यालय/ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थानों से विशेषज्ञ को नामित किया गया। कृषि उपज का लाभकारी मूल्य की समस्या के निराकरण के लिए बोर्ड के सदस्य विजय विक्रम सिंह, संभागीय खाद्य नियन्त्रक, उप निदेशक मण्डी परिषद, एसके सिंह संयुक्त निदेशक कृषि, अमजद अली अन्सारी एवं कृषि विवि आयोध्या के प्रो. एपी राव को, जल प्रबन्धक के इश्यू पर सदस्य पूविबो दयाशंकर मिश्र, मुख्य अभियन्ता गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या आयोध्या मण्डल प्रवीण कुमार, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या वाराणसी मण्डल राम नारायण यादव, प्रयागराज मण्डल के दिनेश कुमार सिंह एवं इं0 आरसी तिवारी कृषि विवि आयोध्या, सड़क निर्माण एवं मरम्मत हेतु उपध्यक्ष पूविबो नरेन्द्र सिंह, सदस्य परदेशी प्रसाद रविदास व विजय शंकर यादव, मुख्य अभियन्ता लोनिवि आजमगढ़ एवं गोरखपुर रमाशंकर सिंह व एसपी सिंह, अमजद अहल अन्सारी, मदन मोहन मालवी विवि गोरखपुर के श्रीराम चैरसिया, प्राथमिक शिक्षा हेतु सदस्य जयप्रकाश निषाद व राजकुमार शाही, सहायक शिक्षा निदेशक आज़मगढ़ व गोरखपुर क्रमशः राजेश कुमार आर्य व सत्यप्रकाश त्रिपाठी, उप निदेशक अयोध्या मण्डल प्रवीण कुमार एवं डीडी उपाध्याय विवि गोरखपुर व एजेकेशन डिपार्टमेन्ट बीएचयू के विशेषज्ञ को समिति में सम्मिलित किया गया है। इसी प्रकार माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के लिए उपाध्यक्ष पूविबो नरेन्द्र सिंह, सदस्य जितेन्द्र पाण्डेय व डा. केपी श्रीवास्तव, सयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक, गोरखपुर व वाराणसी योगेन्द्र कुमार व ज्ञान प्रकाश, डीडीएसटी प्रयागराज दिनेश कुमार सिंह एवं डीडी उपाध्याय विवि गोरखपुर व एजेकेशन डिपार्टमेन्ट बीएचयू के विशेषज्ञ, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए बोर्ड के सदस्य अरविन्द सिंह पटेल, केपी श्रीवास्तव, जयप्रकाश निषाद, राजकुमार शाही, आजमगढ़, गोरखपुर व बस्ती के अपर निदेशक, डीडीएसटी विन्ध्याचल मण्डल राम नरायन यादव एवं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज प्रयागराज के प्राचार्य डा. एसपी सिंह, विद्युत के लिए सदस्य आशोक चैधरी, तकनीकी विभाग के अंशुल अग्रवाल, आरआर सिंह, गोविन्द राजू, डीडीएसटी प्रयागराज दिनेश कुमार सिंह एवं एमएनआईटी प्रयागराज के विशेषज्ञ, पर्यटन हेतु सदस्य ओम प्रकाश गोयल, उपनिदेशक पर्यटन प्रयागराज दिनेश कुमार, रविन्द्र कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी गोरखपुर, प्रवीण कुमार एवं कुलपति अवध विवि अयोध्या डा. मनोज दीक्षित, कौशल विकास एवं उद्योग की समस्या के लिए उपाध्यक्ष पूविबो विजय शंकर, विजय शंकर यादव, अशोक चैधरी, सम्बन्धित विभाग के संयुक्त आयुक् उद्योग रंजन चतुर्वेदी, आशुतोष त्रिपाठी, सुधांशु तिवारी व उमेश कुमार सिंह, डीडीएसटी प्रयागराज दिनेश कुमार सिंह, पशुपालन हेतु सदस्य विजय शंकर यादव, अपर निदेशक पशुपालन डा. एनके गहलोत, डा. अशोक मिश्रा, डा. इन्द्रमणि, डीडीएसटी आयोध्या प्रवीण कुमार एवं कृषि विश्वविद्यालय आयोध्या के डा. एचएन सिंह, मत्स्य पालन हेतु सदस्य अमरपाल मौर्य, उप निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी, आरपी सिंह, डीडीएसटी विनध्याचल राम नरायन यादव एवं कृषि विवि अयोध्या के प्रो एपी राय, नगर विकास के लिए उपाध्यक्ष पूविबो नरेन्द्र सिंह, सदस्य अशोक चैधरी, मण्डलायुक् प्रयागराज आशीष कुमार गोयल, डीडीएसटी प्रयागराज दिनेश कुमार सिंह तथा ग्राम्य विकास हेतु सदस्य विजय विक्रम सिंह व परदेशी प्रसाद, संयुक्त विकास आयुक्त वाराणसी एवं गोरखपुर, डीडीएसटी आयोध्या प्रवीण कुमार एवं बीएचयू के विशेषज्ञ को नामित किया गया। आर्थिक सलाहकारी केवी राजू ने कहा कि इन सभी 13 इश्यू पर गठित समिति द्वारा दो सप्ताह में विस्तृत टिप्पणी उपलब्ध कराई जायेगी तथा चार सप्ताह में इन इश्यू को स्थायी रूप से समाप्त करने हेतु कार्ययोजना बनाकर तद्नुसार अग्रेतर कार्यवाही की जायेगी।
बैठक को सम्बोधित करते हुए पूविबोर्ड के उपाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र ने पूर्वांचल के अन्तर्गत आने वाले सभी जनपदों की बुनियादी समस्याओं से बोर्ड को अवगत कराया तथा सम्बन्धित अधिकारियों को इसके निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने सम्बन्धित समस्त अधिकारियों से दिल की गहराई से आसन्न समस्याओं का अवलोकन करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि जब तक समस्याओं को करीब से नहीं देखा जायेगा उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाना संभव नहीं होगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्यायें जानी और बोर्ड के माध्यम से उसके निराकरण के प्रति आश्वस्त किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने मण्डल के तीनों जनपदों से आये व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से भी उनकी समस्यायें जानी जिनमें मुख्य रूप से आज़मगढ़ में निजामाबाद की ब्लैक पाटरी व मुबारकपुर की रेशमी साड़ी के विपणन की समस्या, मऊ की टेक्सटाइल की समस्या तथा बलिया में ओडीओपी में चयनित बिन्दी कारीगरों की समस्या के साथ ही अन्य समस्याओं का उल्लेख किया गया। अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर इन समस्याओं के निस्तारण के लिए भी बोर्ड के सदस्य, सम्बन्घित विभाग के अधिकारी, नियोजन विभाग के मण्डल/जनपद स्तरीय अधिकारी, विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ को सम्मिलित करते हुए समितियों का गठन किया गया। ये समितियाॅं भी दो सप्ताह में उत्पादन, टर्नओवर, उत्पाद के सम्मिलित लोगों की अनुमानित संख्या आदि पर विस्तृत आख्या तैयार कर बोर्ड को दो सप्ताह में उपलब्ध करायेगी।
इस पूर्व मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बैठक में आये सभी बोर्ड के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोर्ड के दोनों उपाध्यक्षों नरेन्द्र सिंह व डा.दयाशंकर मिश्र सहित वाराणसी, गोरखपुर, महराजगंज बस्ती, गाजीपुर, अमेठी, देवरिया, सोनभद्र, प्रतपातगढ़, प्रयागराज आदि जनपदों के सदस्यों के साथ ही विशेष सचिव मत्स्य पालन एमएसए रिज़वी, विशेष सचिव नियोजन अंकित अग्रवाल, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी आज़मगढ आनन्द कुमार शुक्ला, सीडीओ बलिया बद्रीनाथ सिंह, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, ध्रुव सिंह, श्रीकान्त राय, अजय सिंह, लक्ष्मण मौर्य, विनोद रास सहित अन्य सम्बन्धित मण्डलीय अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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