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हड़कंप !: बुनकर समितियों द्वारा गबन की गयी एक करोड़ 40 लाख की ब्याज सहित होगी वसूली

मण्डलायुक्त ने मुबारकपुर की 11 बुनकर समितियों के विरुद्ध पुनर्विचार हेतु प्रचलित कार्यवाही में किसी संशोधन की आवश्यकता को किया खारिज 

आज़मगढ़ 7 सितम्बर -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने जनपद के मुबारकपुर कस्बे के विभिन्न मुहल्लों में बनी 11 बुनकर समितियों के विरुद्ध प्रचलित कार्यवाही में एक करोड़ 40 लाख, 44 हजार 400 रुपये की ब्याज सहित वसूली किये जाने तथा समितियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराये जाने सम्बन्धी जिलाधिकारी आज़मगढ़ द्वारा पूर्व में पारित आदेश को बरकरार रखते हुए मण्डलीय जाॅंच समिति की आख्या के आधार पर प्रकरण में किसी भी प्रकार का संशोधन किये जाने की आवश्यकता को खारिज कर दिया है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि उक्त प्रकरण पर पुनर्विचार हेतु गठित मण्डल स्तरीय समिति द्वारा स्पष्ट संस्तुति की गयी है कि जिलाधिकारी आज़मगढ़ द्वारा गत वर्ष 7 अगस्त 2018 को सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र मऊ को उक्त समितियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं वसूली सम्बन्धी दिया गया आदेश उचित एवं त्रुटिरहित है, इसलिए इसमें किसी प्रकार के संशोधन का औचित्य प्रतीत नहीं होता है। ज्ञातव्य हो कि आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर ने गत 21 अगस्त 2018 को मण्डलायुक्त को इस आशय का पत्र भेजा था कि जिलाधिकारी आज़मगढ़ के स्तर से 24 दिसम्बर 2017 को जनपद के कस्बा मुबारकपुर में बुनकरों के उत्थान हेतु पंजीकृत 11 बुनकर सहकारी समितियों की उपलब्ध कराई गयी जाॅंच आख्या को किसी वरिष्ठ अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर उक्त जाॅंच पर पुनर्विचार कर आख्या उपलब्ध कराई जाय। मण्डलायुक्त ने बताया कि तत्क्रम में अपर आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में एक मण्डल स्तरीय कमेटी का गठन किया जिसमें उपनिदेशक पंचायत, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन तथा संयुक्त निबन्धक/संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सदस्य के रूप में नामित किया गया। गठित समिति ने प्रकरण में पुनर्विचार हेतु सम्बन्धित 11 बुनकर समितियों एवं नामित विभागीय आधिकारी उप आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर को भी समिति के समक्ष उपस्थित होकर जिलाधिकारी आज़मगढ़ की आख्या के सन्दर्भ मंे अपना पक्ष, अभिमत एवं वांछित कैशमेमो बिल बाउचर आदि अभिलेख उपलबध कराने का निर्देश दिया गया था। समिति की 24 जून को आयोजित बैठक में सभी 11 बुनकर समितियों रामा इण्डस्ट्रीयल को.सोसाईटी लि. पुरादीवान मुबारकपुर, आधुनिक बुनकर सहकारी समिति लि. पुरासोफी, गोल्डेन सिल्क हैण्डलूम कोसोलि. पुरारानी, भारत हैण्डलूम पुरारानी, न्यू इण्डिया हैण्डलूम पूराखिजिर, इण्डियन हैण्डलूम पुरादीवान, निवास बुनकर सहकारी समिति लि. पुरारानी, भारती हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाइटी लि., डायमण्ड सिल्क बुनकर उद्योग सहकारी समिति लि., संगम हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाईटी लिमिटेड पुरारानी, रेशमी औद्योगिक उत्पादन सहाकरी समिति लि. कटरा मुबारकपुर के प्रतिनिधिगण उपस्थित हुए तथा उनका पक्ष सुना गया। जबकि हथकरघा विभाग के नामित अधिकारी उप आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर केपी वर्मा द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा 12 दिसम्बर 2018 को प्रेषित की गयी आख्या द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि मण्डल स्तरीय जाॅंच समिति द्वारा जिलाधिकारी की जाॅंच आख्या 24 दिसम्बर 2017 का परीक्षण किया गया जिसमें पाया गया कि इन सभी 11 बुनकर समितियों के सन्दर्भ में जिन आंकड़ों बिक्री, समरी शीट आदि अभिलेखों का अंकन किया गया है वह सम्बन्धित समितियों के विभागीय अनुदान पत्रावली से लिये गये है, जिसे विभाग में समितियों द्वारा जमा किया गया है तथा इसके आधार पर समितियों द्वारा मार्केटिंग इन्सेन्टिव के अनुदान की धनराशि प्राप्त की गयी है। उन्होने यह भी बताया कि जिलाधिकारी की जाॅंच आख्या में कूटरचित बिक्री समरीशीट का अंकन एवं कूटरचित बिल बाउचर का उल्लेख करते हुए इन समितियों द्वारा प्राप्त किये गये मार्केटिंग इन्सेन्टिव की समस्त अनुदान की शासकीय धनराशि जो एक करोड़ 40 लाख 44 हजार 400 रुपये का व्यपहरण पाया गया है। मण्डलायुक्त ने यह भी बताया कि आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय कानपुर द्वारा इन बुनकर समितियों के विरुद्ध शिकायत की जाॅंच आख्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी आज़मगढ़ को अवगत कराया गया था कि मार्केटिंग इन्सेन्टिव अनुदान प्राप्त करने के लिए समितियो द्वारा कूटरचित बिक्री समरीशीट एवं अन्य अभिलेखों का प्रयोग किया गया है जो शासकीय अनुदान की धनराशि के दुरुपयोग एवं गबन को इंगित करता है। उन्होने बताया कि इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी को शासकीय अनुदान की धनराशि के दुरुपयोग एवं गबन के परिपे्रक्ष्य में समितियों को सुनवाई का अवसर देते हुए बिक्री समरी शीट का मिलान समितियों के मूल बिल बाउचर्स एवं कैश मेमो से कर लिये जाने एवं कूटरचना की पुष्टि होने पर नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने एवं गबन किये गये शासकीय धन की ब्याज सहित वसूली की कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिया गया था। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी आज़मगढ़ द्वारा मुबारकपुर की इन सभी 11 बुनकर समितियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की जाॅच आख्या के परिपे्रक्ष्य में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में पाॅंच सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। उक्त समिति द्वारा नियमानुसार विधिवत् जाॅंचोपरान्त यह स्पष्ट कर दिया गया था कि समितियों द्वारा कूटरचित बिक्री समरीशीट एवं अन्य अभिलेखों के प्रयोग से प्रस्ताव तैयार कराकर मार्केटिंग इन्सेन्टिव की शासकीय अनुदान धनराशि प्राप्त कर शासकीय धन का व्यपहरण किया गया है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि मण्डल स्तरीय जाॅंच समिति ने इन बुनकर समितियों के विरुद्ध शिकायतों की जाॅंच आख्या का विधिवत परीक्षण किया गया, सुनवाई एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का उन्हें पर्याप्त अवसर दिया गया। सारे साक्ष्य सबूत, अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया जिसमें मण्डलीय जाॅंच समिति ने भी कूटरचित ढंग से अनुदान की शासकीय धनराशि प्राप्त कर बुनकर समितियों द्वारा एक करोड़ 40 लाख 44 हजार 400 रुपये की शासकीय धन के दुरुपयोग एवं गबन किया जाना पाया गया, जिसके कारण मण्डल स्तरीय जाॅंच समिति ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इन सभी बुनकर समितियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी आज़मगढ़ की 24 दिसम्बर 2017 की सन्दर्भित जाॅंच आख्या, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की गयी सुनवाई कार्यवाही तथा जिलाधिकारी द्वारा 7 अगस्त 2018 को एफआईआर दर्ज कराने एवं वसूली सम्बन्धी दिया गया आदेश युक्तिसंगत, नियमानुसार उचित एवं त्रुटिरहित है तथा इसमें किसी प्रकार के संशोधन किये जाने का कोई औचित्य नहीं प्रतीत होता है।

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