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जिसका कोई नहीं उसका भारत रक्षा दल है ! लावारिस मृतकों के अंतिम संस्कार के बाद किया श्राद्ध कर्म

संगठन ने पिछले सात वर्षों में  375 अज्ञात मृतकों का अंतिम संस्कार किया है और श्राद्ध कर्म भी 

हर पितृपक्ष की तरह इस बार भी संगठनने ने मृतकों के लिए मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ कर पिडदान किया , फिर सामूहिक भोज का आयोजन हुआ 

आजमगढ़ : पितृ पक्ष में सभी पूर्वजों को याद करते हैं। पिडदान संग श्राद्ध के सभी कर्म करते हैं लेकिन दूसरे के लिए यानी ऐसे लोगों की याद में जिनका कोई नहीं। या यूं कहे लावारिस हैं कोई श्राद्ध कर्म करने को आगे नहीं आता है। भारतीय रक्षा दल यह नेकी का कार्य पिछले कई वर्षों से यहां कर रहा है। वह भी पूरे दिल के साथ। इस संस्था से जुड़े बहुतायत लोग छुट्टी लेकर इस कार्य को मूर्तरूप देने के लिए जिले में आते हैं। यह संस्था, उन लोगों का श्राद्धकर्म करती है जिनको वह लावारिस घोषित होने पर अंतिम संस्कार की है ।
भारत रक्षा दल की ओर से इस वर्ष अस्सी से अधिक लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार किया गया। इन मृतकों की आत्मा की शांति के लिए यह अभिभावक की भूमिका में पृत पक्ष की सभी रस्म अदायगी भी की। बुधवार की सुबह नगर के राजघाट पर पंडित सभाजीत पांडेय व सौरभ मिश्रा के निर्देशन में हिदू रीति-रिवाज व मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ कर पिडदान किया गया। वारिस बनकर उमेश सिंह गुड्डू, आरपी श्रीवास्तव, जैनेंद्र चौहान आदि ने तर्पण और पिडदान किया। इसके बाद मेहता पार्क में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने पूजनीय आत्मा के नाम पुष्प अर्पित कर प्रसाद के रूप में सैकड़ों लोगों ने भोजन ग्रहण किया। भोजन में पूड़ी, कोहड़ा-चना व आलू-बैगन-टमाटर की सब्जी, दही और मीठी बूंदी आदि की व्यवस्था रही। 15 ब्राह्मणों के भोजन और दक्षिणा इसकी शुरूआत हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि भारद समाज के गरीब, शोषित वर्ग के मदद को हमेशा तैयार रहेगा।
भारत रक्षा दल पिछले सात साल में 375 अज्ञात मृतकों का अंतिम संस्कार किया वहीं श्राद्धकर्म भी। संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश सिंह गुड्डू ने बताया कि सात वर्ष पूर्व लावारिस मृतकों का पोस्टमार्टम के बाद तमसा नदी में फेंक दिया जाता था। यह देख संगठन ने निर्णय लिया कि अब से जिले में कोई भी लावारिस मृत शरीर को फेंकने नहीं देंगे, बल्कि सभी का अंतिम संस्कार करेंगे। वर्ष 2013 से निरंतर हर वर्ष पितृपक्ष में उनकी पूजा-पाठ कर पिडदान व श्राद्ध भोज दिया जाता है। इस अवसर पर मो. अफजल, कमलाकांत बरनवाल, द्वारिकाधीश पांडेय, आलोक शर्मा, डा. राजीव पांडेय, मनीष कृष्ण साहिल, अनूप श्रीवास्तव, सुनील आदि मौजूद रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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