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आजमगढ़ : पढ़िए जरूर ! कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के रोकथाम व निवारण को कार्यशाला

आजमगढ़: पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ श्री मनोज तिवारी की अध्यक्षता में 'द सेक्सुअल हैरेसमेंट वूमेन अट वर्कप्लेस प्रीवेंशन प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल एक्ट 2013' के प्रावधानों के अंतर्गत , दोपहर 12:00 बजे से रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया था । जिसमें पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ प्रो त्रिवेणी सिंह , पुलिस अधीक्षक नगर श्री पंकज कुमार पांडे, एडीएम महोदय श्री नागेंद्र प्रताप सिंह, महिला समाज सेविका हिना देसाई , क्षेत्राधिकारी नगर श्री इलामारन जी, व सभी बैंकों में कार्यरत महिलाएं, निजी नर्सिंग होम/हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर/ नर्स, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य/अध्यापिका व जनपद बलिया, मऊ, आजमगढ़ के सभी महिला आरक्षी उपस्थिति थी। जिसमें महिला संबंधी अपराध की रोकथाम व प्रभावी विधिक कार्यवाही के विषय में विचार विमर्श किया गया । कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 फौजदारी कानून में की प्रक्रिया

महिला चाहे तो वह इस कानून के अलावा फौजदारी कानून के अंतर्गत भी अपना केस दर्ज कर सकती है ।
अगर आरोपी कार्यस्थल का कर्मचारी नहीं है तो भी पीड़ित महिला मालिक की मदद से फौजदारी कानून में केस कर सकती है ।
घरेलू श्रमिक के मामले में अगर स्थानीय शिकायत समिति को यौन उत्पीड़न का केस बनता नजर आता है तो वह मामले को स्थानीय थाने में एफ आई आर दर्ज करने के लिए भेजेगी।
*यौन उत्पीड़न क्या है?*
इच्छा के खिलाफ सुनाया छूने की कोशिश करना जैसे यदि एक तैराकी को छात्रा को तैराकी सिखाने के लिए स्पर्श करता है तो वह यौन उत्पीड़न में नहीं कहलाएगा पर यदि वह स्कूल से बाहर क्लास खत्म होने के बाद छात्रा को छूता है और वह असहज महसूस करती है तो यौन उत्पीड़न है।
शारीरिक रिश्ता यौन संबंध बनाने की मांग करना या उसकी उम्मीद करना जैसे यदि विभाग का प्रमुख किसी जूनियर को प्रमोशन देने का प्रलोभन कर दे।
यौन स्वभाव की अश्लील बातें जैसे यदि एक वरिष्ठ संपादक एक युवा प्रशिक्षित जूनियर पत्रकार को यह कहता है कि वह एक सफल पत्रकार बन सकती है क्योंकि वह शारीरिक रूप से आकर्षक है तो यह यह यौन उत्पीड़न है।
अश्लील तस्वीरें फिल्म या अन्य सामग्री दिखाना जैसे यदि आपका सहकर्मी आपकी याद की इच्छा के खिलाफ आपको अश्लील वीडियो भेजता है तो यह यौन उत्पीड़न है।
कोई अन्य कर्मी यौन प्रकृति के हो जो बच्चे द्वारा लिखकर या छूकर किए गए हो।
*यौन उत्पीड़न*
यौन उत्पीड़न के तहत *अवांछित यौन स्वभाव* के व्यवहार आते हैं व हैं धारा 2(ढ)
छूना या छूने की कोशिश करना
शारीरिक रिश्ता बनाना या बनाने की मांग करना
यौन स्वभाव की बातें या व्यवहार करना
यौन स्वभाव की तस्वीरें और सामग्री दिखाना
या कोई भी ऐसा मोहिका मौखिक सांकेतिक व्यवहार करना जो महिला को पसंद ना हो।
*यौन उत्पीड़न के अन्य अप्रत्यक्ष रूप*
कार्यस्थल के माहौल को ऐसा बना देना जिससे काम करना मुश्किल हो जाए
यौन कार्य करने के एवज में महिला को तरक्की देना
यौन स्वीकृति की मांग या अनुरोध ठुकरा ने पर महिला को रोजगार में नुकसान पहुंचाना।
शिकायत करते समय घटना को घटे 3 महीने से ज्यादा समय नहीं बिता हो और यदि एक से अधिक घटनाएं हुई हैं तो आखरी घटना की तारीख से 3 महीने तक का समय पीड़ित के पास है।
*शिकायत करने का तरीका*
शिकायत लिखित रूप से की जानी चाहिए यदि किसी कारणवश पीड़ित लिखित रूप से शिकायत नहीं कर पाती है तो समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वह लिखित शिकायत देने में पीड़ित की मदद करें।
उदाहरण के तौर पर अगर वह महिला पढ़ी-लिखी नहीं है और और उसके पास लिखित में शिकायत लिखवाने का कोई जरिया नहीं है तो वह समिति की जिम्मेदारी में सुनिश्चित करें कि पीड़ित की शिकायत बारीकी से दर्ज की जाए।
*शिकायत दर्ज कराने के बाद क्या होता है*
यदि वह महिला चाहती है तो मामले को समाधान की प्रक्रिया से भी सुलझाया जा सकता है ।
इस प्रक्रिया में दोनों पक्ष समझौते पर आने की कोशिश करते हैं परंतु ऐसे किसी भी समझौते में पैसे के भुगतान द्वारा समझौता नहीं किया जा सकता है।
यदि महिला समाधान नहीं चाहती है तो जांच की प्रक्रिया शुरू होगी
जिसे आंतरिक शिकायत समिति को 90 दिन में पूरा करना होगा यह जांच संस्था कंपनी द्वारा तय की गई प्रक्रिया पर की जा सकती है
समिति के सामने वकीलों को पेश करने की अनुमति नहीं।
*नियोक्ता किसको माना जा सकता है?*
सरकारी कार्यालय दफ्तर में
निजी दफ्तर में
किसी अन्य कार्यालय में
घर में
*शिकायतकर्ता के अधिकार*
शिकायतकर्ता महिला के साथ हमदर्दी का रवैया
प्रतिवादी के जवाब की काफी शिकायतकर्ता महिला को देना
शिकायतकर्ता का यौन इतिहास जांच का हिस्सा नहीं बन सकता
शिकायत दायर करने की वजह से शिकायतकर्ता की नौकरी खतरे में नहीं पड़नी चाहिए
महिला की पहचान गुप्त रखना धारा 16 एवं 17
महिला के बयान के लिए एक तरफ से दिखाएं दिखने वाले शीशे या वीडियोग्राफी का उपयोग
अगर महिला एफ आई आर दर्ज करवाना चाहे तो इसमें उसकी मदद करनी होगी।
महिला द्वारा कोर्ट या टनल में अपील करना धारा 18
*लास्ट बट नॉट लीस्ट*
नींदको की बात पर ध्यान ना दें और अच्छे लोगों में रहे
याद रखें इस तरह के कदम को उठाने पर आपको नींद को का भी सामना करना पड़ेगा तो खुद को मजबूत बनाएं
नींदको की बातों को दिल से ना लगाएं, आप सही काम कर रही हैं।
कार्यक्रम के  अंत में सहायक कला अध्यापिका सुमित्रा प्रजापति विंधेश्वरी इंटर कॉलेज तुलसी नगर कटोरा आजमगढ़  द्वारा महिलाओं पर एक गीत गाया जिसके बोल कुछ इस प्रकार हैं-
हर उम्र में किसी को आ जाती है लड़कियां
ना जाने क्यों उन्हीं से ठुकराई जाती है लड़कियां
बहार आ जाए जिधर से गुजरती है लड़कियां बदले में भूखी निगाहें पाती हैं लड़कियां
महफिले बाजार को सजाती हैं लड़कियां
फिर भी देखो अपने को बेबस पाती है लड़कियां
सब कुछ खोकर सर जन्नत की कराती है लड़कियां
फिर भी देखो बदनाम कहलाती है लड़कियां
हर किसी के खानदान को बढ़ाती है लड़कियां
फिर भी जिंदा जलाई जाती है लड़कियां
सब कुछ देख कर अनदेखा कर जाती है लड़कियां
बदले में कुर्बानी और बलिदानी दे जाती है लड़कियां

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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