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आजमगढ़ सीबीआइ ने सीडीओ के घर पर मारा छापा, दस लाख नकद व दस्तावेज जब्त किया

सपा सरकार के समय हुए खनन घोटाले का मामला, तब देवरिया में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात थे डी एस उपाध्याय 

आजमगढ़ : खनन पट्टा आवंटन के मामले में बुधवार को सीबीआइ की टीम ने सीडीओ डीएस उपाध्याय के आवास पर छापेमारी की। छह सदस्यीय सीबीआइ टीम सुबह लगभग नौ बजे से दोपहर 3.45 बजे तक अधिकारी से पूछताछ के संग दस्तावेजों की पड़ताल की। साथ ही छापेमारी के दौरान दस लाख रुपये भी बरामद किए।
वर्ष 2012-13 में देवरिया जिले में गलत ढंग से खनन पट्टा आवंटन के मामले में यह छापेमारी बतायी गई। उस दौरान सीडीओ वहां एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात थे। सपा सरकार में खनन पट्टा आवंटन को लेकर व्यापक स्तर पर गोलमाल की कई शिकायतें थीं। इतना ही नहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी कई याचिकाएं दायर की गई थीं। माननीय न्यायालय ने 2016 में उत्तर प्रदेश में अवैध खनन की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। यह जांच उसी आदेश के परिप्रेक्ष्य में रहा। दूसरी तरफ लगभग सात घंटे के छापेमारी के दौरान सीडीओ का आवास पूरी तरह सीबीआइ टीम के कब्जे में रहा। बाहर सन्नाटा छाया हुआ था लेकिन आवास परिसर में एक लक्जरी लाल रंग की गाड़ी यह संकेत दे रहे थी कुछ न कुछ चल रहा है। आवास के बाहर बैठा अर्दली किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दे रहा था। पूछे जाने पर वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। बस इतना ही कहा कि साहब की ओर से मनाही है। इस दौरान जिले के आला अधिकारी भी सकते में रहे। कुछ भी बताने से कन्नी काटते रहे। सीबीआइ टीम को इसकी भनक लग गई थी कि बाहर खबरनवीस हैं। एक अधिकारी ने आकर सख्त लहजे से फटकार लगाने के अंदाज में कहा कि इनको कौन बुलाया है। बहरहाल, जांच पूरी करने के बाद टीम जब बाहर निकली तो कुछ भी बताने से इनकार कर दी। पट्टा आवंटन में सीबीआइ ने की जांच सीबीआइ टीम की जांच पूरी होने के बाद सीडीओ डीएस उपाध्याय ने कहा कि देवरिया जिले में मैंने एक पट्टा आवंटन किया था। उस दौरान एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात था। पट्टा आवंटन को लेकर कुछ लोग न्यायालय में चले गए थे। सीबीआइ उसी क्रम में जांच करने के लिए आवास पर पहुंची थी। इस दौरान दस लाख रुपये भी बरामद किया। बीस साल की नौकरी में दस लाख रुपये घर पर रखना मेरी समझ से कोई बड़ी बात नहीं है।
जनपद में सीडीओ बनकर आए पीसीएस डीएस उपाध्याय का लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान ही आईएएस के पद पर पदोन्नत हुए थे। बताया जाता है कि वह सीएम योगी के करीबी भी हैं। जिस वक्त खनन घोटाला हुआ था उस समय डीएस उपाध्याय देवरिया में एडीएम थे। पदोन्नत होने के बाद उन्हें अपनी पोस्टिंग का इंतजार था। लेकिन पोस्टिंग लेटर आने से पहले ही सीबीआई ने दस्तक दे दी।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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