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कन्नौज-इटावा नहीं अब आजमगढ़ मेरी पहचान,आगे जीतें या हारें नहीं टूटेगा रिश्ता -अखिलेश यादव

सपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष ने मंच से अपना निर्वाचन सर्टिफिकेट दिखा कर लोगों का आभार जताया 

दूसरे किस्म की थी लोकसभा चुनाव की इस बार की लड़ाई : अखिलेश यादव 

आजमगढ़: लोकसभा चुनाव में मिली जीत का आभार जताने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने लोगों से एक बार फिर आह्वान किया कि भाजपा के झूठ को पहचानिये। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचकर लोगों का आभार जताया। आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव ने आईटीआई मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। अखिलेश यादव के आगमन पर सपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि कन्नौज-इटावा नहीं अब आजमगढ़ है मेरी पहचान। संसद में जब भी बोलने का मौका मिलेगा तो लोग मुझे आजमगढ़ के सांसद के रूप में संबोधित करेंगे। अब हम आजमगढ़ी हो गए हैं। आगे जीत मिले या ना मिले लेकिन यह रिश्ता अब कभी टूटने वाला नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि आजमगढ़ से रिश्ता कोई नया नहीं है। देखा जाए तो मैने अपनी असली राजनीति की शुरूआत ही यहां से की है। 2012 के चुनाव के पहले मुझे आजमगढ़ के लोगों ने बुलाया और मैने यहां तीन दिनों तक रह कर लोगों के बीच जाकर अपील की। लोगों ने मुझे सिर-आखों पर बैठाया और यहां की 9 सीटों पर समाजवादी पार्टी उम्मीदवारों को जिता कर विधान सभा में भेजने का काम किया।
मंच से अपने जीत का प्रमाण पत्र दिखाते हुए कहा कि 23 को चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद जब प्रमाण पत्र मुझे मिला तो मैने घर पर इसे किसी को नहीं दिखाया। मैने तय कर लिया था कि आजमगढ़ की जनता ने मुझे जीत दर्ज कराई है और यह प्रमाण पत्र पहले आजमगढ़ की जनता को दिखाने के बाद ही किसी को दिखाउंगा।
सपा मुखिया ने कहा कि यह जीत मेरी नहीं, यहां की जनता की जीत है। यहां के कार्यकर्ताओं की जीत है, जिन्होंने हर तरह के दबाव को झेलने के बाद भी हर बूथ पर मुझे जीत दिलाने का काम किया। इस चुनाव में लड़ाई कुछ दूसरे प्रकार की थी, जिसे हम समझ नहीं पाए, क्योंकि ध्यान हटाने की ताकत हमारे पास नहीं है। वह तो सिर्फ भाजपा के पास है, जिसमें वह सफल भी रही।
लोकसभा चुनाव की चर्चा करते हुए भाजपा प्रत्याशी रहे निरहुआ की तरफ इशारा हुए अखिलेश ने कहा कि हमारी उनसे लड़ाई नहीं है। आप लोग दुश्मन को पहचानो। पीएम मोदी का नाम लिये बिना कहा कि हमारी लड़ाई उनसे थी जो सेल्फी दे रहे थे। यह फरारी और साइकिल की रेस थी। टीवी उनका था। यह लड़ाई दूसरे तरह की है। पहले समझोगे तब इसे जीतोगे।
मंच से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से आह्वान करते हुए कहा कि वो 2022 और 2024 के चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। बड़ा सपना देखें और उसे पूरा करने का संकल्प लें। जो सत्ता में है, वो काम नहीं करेंगे और हमारे ही कामों पर वाहवाही लूटने का प्रयास करेंगे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर कहा कि आज मैं इसी एक्सप्रेस-वे के ऊपर ही उड़ते हुए आया हूं। अगस्त 2020 तक इसे पूरा करने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी मात्र हवाई पट्टी के पास छोड़ कर कहीं भी गिट्टी पड़ी नहीं दिखाई दी।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की डिजाइन हमने तैयार की है और जनता को हमें यह बताना होगा। बाबा योगी की सरकार इसे पूरा नहीं कर पाएगी, हमने डिजाइन किया है और हम ही इसे पूरा कराएंगे। एक्सप्रेस- वे बन जरूर रहा है लेकिन वह लखनऊ-आगरा-एक्सप्रेस- वे जैसा सुंदर नहीं बन रहा। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। 45 साल में जितनी बेरोजगारी नहीं थी, उससे कहीं ज्यादा पांच साल में हो गई है।
देश पर कर्ज 33 लाख करोड़ से बढ़ कर 70 लाख करोड़ हो गया है। 6 हजार सालाना पाकर कोई भी किसान खुशहाल नहीं हो सकता। किसानों में खुशहाली तभी आ सकती है जब उसे खाद, बीज, पानी के साथ ही मंडी की सहुलियत मिले। अंत में उन्होंने कहा कि मौका मिला तो मैं आजमगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में भी पहुंच कर जनता का आभार व्यक्त करूंगा।


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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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