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आजमगढ़: क्या भाजपा के झंडे से लड़ रहे हैं सपा के लोग?झंडो को लेकर हुए विवादों में अब तक सौ नामजद

भाजपा के लोग इसे अपनी मजबूत दावेदारी से समाजवादी पार्टी की बौखहालाहट बता रहे हैं 

सत्ताधारी भाजपा के इशारे पर प्रशासन व पुलिस द्वारा फर्जी एफ0आई0आर0 दर्ज करा समर्थकों और नेताओं को परेशान किया जा रहा है-समाजवादी पार्टी 

आजमगढ़ : जिले में चुनावी पारा तो उसी दिन चढ़ गया था जिस दिन भाजपा ने दिनेश लाल यादव निरहुआ को सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ सदर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। लेकिन अब स्थिति कुछ अजीब हो गई है , आजमगढ़ का चुनावी वातावरण इस कदर चार्ज हो गया है की क्या कहना। पिछले कुछ दिनों में समर्थकों के घरों पर लगे भाजपा के झंडो को लेकर समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने के लगभग चार मुक़दमे भी दर्ज हो गए हैं , जिनमें कुछ लोग हवालात भी पंहुच गए हैं और कुछ के असलहों के लाइसेंस भी खतरे में पड़ गए हैं । भाजपा के लोग इसे जहाँ अपनी मजबूत दावेदारी से सपा समर्थकों की बौखहालाहट बता रहे हैं वहीँ समाजवादी पार्टी के लोग इसे भाजपा के द्वारा सत्ता का दुरूपयोग कह रहे हैं। इनके बीच जिला प्रशासन का कहना है की चाहे कोई भी हो चुनावी प्रक्रिया में हिंसा,दबाव का प्रयोग और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जायेगा। सपा पर हमलावर होते हुए भाजपाई सूत्र कहते हैं की जिस भी जगह सपा के कार्यकर्ता जा रहे हैं उन्हे भाजपाईयों के झण्डे से मुकाबला करना पड़ रहा है। आशा के विपरीत अपने विरोध की बौखलाहट सपाईयों द्वारा मारपीट और गुण्डई के रूप में सामने आ रही है। अखिलेश यादव ने जितनी मेहनत से सपा के उपर से गुण्डों की पार्टी का लेबल हटाने की कोशिश की थी उनके ही कार्यकर्ता और विधायक संयम खोकर उनकी मेहनत पर पानी फेरने पर उतारू हैं।
आरोप लगाया गया की सबसे पहली वारदात के रूप में जैसे ही निरहुआ ने जिले में कदम रखा उसके रोड शो में सपा कार्यकर्ताओं ने सपा के झण्डे दिखाये और पथराव कर दिया। यह लोकतंत्र की मर्यादा का हनन था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई कर रही है। दूसरी घटना हुई तरवां थाना क्षेत्र के फिनहिनी में जहां चैहान बस्ती में केवल झण्डा उतारने को लेकर पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव के समर्थक दबाव बनाने पर उतर आये और उनका सब्र टूट गया तो उनके गनर ने एक युवक को मारपीट कर घायल कर दिया। मामला थाने पहुंचा, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव सहित 15 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया इस मामले ने यहां तक तूल पकड़ा कि पूर्व एमएलसी सहित उनके समर्थकों के चार असलहे के लाईसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है दो लोग गिरफ्तार कर जेल भेज दिये गये।
भाजपाइयों के अनुसार तीसरी वारदात दो मई की शाम को हुई जहानागंज थाना क्षेत्र निरहुआ की सभा के बाद जैसे ही भाजपाई वहां से हटे बिना परमिशन के ही दर्जनों सपा कार्यकर्ता बाइक जुलूस निकालकर कर आपत्तिजनक नारेबाजी करने लगे। कादीपुर के पवन सिंह ने जब उन्हे गाली देने व अपशब्द कहने से मना किया तो सपाईयों ने उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया। पवन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जिगरसंडी निवासी बृजभान यादव व शोभनाथ यादव के खिलाफ नामजद व 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। चौथी वारदात रौनापार थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव की है जहां के अंबुज गोड़ ने भाजपा का झण्डा लगा रखा था। प्रचार को पहुंचे सपाईयों ने उससे झण्डा उतारने को कहा जिस पर अंबुज ने मना कर दिया तो सपाईयों ने उसे जमकर पीट दिया। अंबुज गोड़ की तहरीर पर दुर्गा प्रसाद यादव, शिवसागर, सर्वेश, अनिरूद्ध पटेल सहित कुल 13 के खिलाफ नामजद व 50 से 60 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। भाजपा का दावा है की ये चार घटनाएं यह बताने को काफी हैं कि सपा बौखलाहट के किस हद से गुजर रही है ?। अगर सबकुछ सपा के पक्ष में चल रहा है और आजमगढ़ सपा का गढ़ है तो ये बौखलाहट आखिर क्यों है ?
वहीँ इसके उलट समाजवादी पार्टी की माने तो सत्ताधारी भाजपा द्वारा गरीबों व जनता को धमकी देकर वोट लेने की बात है तथा उनके इशारे पर प्रशासन व पुलिस द्वारा फर्जी एफ0आई0आर0 दर्ज कराकर उनके समर्थकों और नेताओं को परेशान किया जा रहा है। भाजपा के नेतागण प्रशासन व पुलिस के बदौलत जनता में भय व आतंक फैलाकर निष्पक्ष चुनाव को नहीं होने देना चाहती है। शायद वे लोग सपा व बसपा के कार्यकर्ताओं की ताकत को नहीं जानते। उनका मुॅहतोड़ जवाब मिलेगा। इस बात को लेकर शनिवार को ही सपा व बसपा के विधायक आलमबदी आज़मी , विधायक वन्दना सिंह व सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराइ है। शनिवार को ही रौनापार थाने में अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर सपा - बसपा गठबंधन के लोगों ने थाने के सामने एकत्र हो कर अपना विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया की भाजपा के लोगों ने जबरन हमारी नुक्कड़ सभा में भाजपा का झंडा लहराया था और कुछ बहस क्या हो गई की भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा थाने में तहरीर दे कर झंडा तोड़ने का आरोप लगा दिया गया । जिस पर पुलिस ने भारी संख्या में सपा-बसपा के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। बहरहाल चाहे जो भी हकीकत हो फिलहाल तो आजमगढ़ सदर सीट का माहौल भाजपा के झंडों को लेकर सुपर चार्ज हो गया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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