आजमगढ़: धन त्रयोदशी अर्थात धनतेरस से दीपोत्सव का पांच दिवसीय महापर्व सोमवार से शुरू हो गया.धनतेरस पर नगर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार गर्म रहा। दीपावली की तैयारियों के लिए लोगों का हुजूम बाजारों में उमड़ पड़ा. भारी चहल पहल व रौनक ने पर्व का उल्लास भी बढाने का काम किया। कोई इलेक्ट्रानिक वस्तुओं की दूकान पर, कोई आभूषण की दूकान पर तो कोई बर्तन की दुकानों पर खरीद करता नजर आया । इस दौरान सुबह दिन के चलते लक्ष्मी गणेश की प्रतिमाओं की दुकानों पर भी खूब भीड़ देखने को मिली। वहीं तमाम स्थानों पर भगवान धन्वन्तरी की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गयी। इसी दौरान दीपावली के मद्देनजर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के चट्टी-चौराहों पर मिठाई की दुकानें सज गई हैं। मिठाई बाजार पूरी तरह दीपावली का स्वागत कर रहा है। नए-नए फ्लेवर के विभिन्न रंगों में बनी मिठाइयां लोगों को अपनी ओर लुभा रही हैं। तरह-तरह के आकार और रंगों से सजी मिठाई की खरीदारी ज्यादा हो रही है। यही नहीं मिठाइयों और मेवों के गिफ्ट पैक इतने आकर्षक हैं कि बिना मिठाई खाए ही मन संतुष्ट हो जा रहा है। शहर में इस बार मिठाइयां गिफ्ट पैकिंग में बहुतायत बिक रही हैं। मिठाई को आकर्षक पैकिंग में सजाकर दुकानों पर बिक्री के लिए रखे हैं। इन पर रंगीन पन्नी लगाकर गिफ्ट पैक का रूप दिया गया है। अंदर कई खाने बने हैं जिसमें अलग-अलग रंग की मिठाइयां रखी गईं हैं। इन पैकेटों की कीमत 330 रुपये से शुरू होकर 1000 रुपये तक हैं। इसी तर्ज पर ड्राई फ्रूट्स के पैकेट भी बनाए गए हैं। पैकिंग बॉक्स के अलग-अलग हिस्सों में काजू, किसमिस, बादाम, अखरोट आदि डाले गए हैं इसकी कीमत भी 300 से शुरू है। मिठाई और ड्राइ फ्रूट्स आकर्षक व कामदार डिब्बे में रखे गए हैं। चाकलेट के डिब्बे और बिस्किट के पैकेट्स को भी गिफ्ट आइटम का रूप दिया गया है। खुलीं मिठाइयों में काजू अंजीर मिठाई सबसे महंगी 940 रुपये में बिक रही हैं। इसके अलावा लाई, गट्टे, चिक्की, लावा, चिउरा आदि का क्रेज बरकरार है। वहीं बाजार में मूर्तियां भी सजी थीं जहां लोग लक्ष्मी व गणेश की मूर्ति खरीद रहे थे। हालांकि डिजाइनर मिठाइयां पारंपरिक मिठाइयों के रेट से थोड़ी महंगी हैं, लेकिन गुणवत्ता अच्छी हो तो लोग कीमत पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। धनतेरस का दिन सर्राफा बाजार में भी भारी रौनक दिखने को मिली। लोगो ने आभूषणों व बर्तनों की जमकर खरीददारी की । साथ ही सभी प्रकार के वाहनो और ख़ास कर दो पहिए वाहनों की भी खरीददारी हुई।
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