आज़मगढ़ 6 नवम्बर -- मण्डलायुक्त जगत राज ने मंगलवार को स्थानीय सदर तहसील पर आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 9 अधिकारी अपुनपस्थित पाये गये, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अनुपस्थित सभी अधिकारियों को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर 116 फरियादियों की समस्यायें को पूरी गंभीरता से सुना तथा 15 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। उन्होंने शेष 101 शिकायतों को सम्बन्धित अधिकारियों को सन्दर्भित करते हुए निर्धारित अवधि के अन्दर अनिवार्य रूप से गुणवत्तापूर्वक निस्तारित करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण की अद्यतन प्रगति, कृृषि भूमि आवंटन आदि की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा किया। मण्डलायुक्त जगत राज द्वारा समाधान दिवस के औचक निरीक्षण के दौरान सहायक अभियन्ता सिंचाई, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी, पल्हनी, सठियाॅंव व तहबरपुर के खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी सहकारी समितियाॅ, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण तथा सहायक वन संरक्षक अनुपस्थित पाये गये। मण्डलायुक्त ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं वाला कार्यक्रम है, जिसमें किसी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने इन अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त द्वारा जन सुनवाई के दौरान तहसील सदर अन्तर्गत ग्राम गोधौरा निवासी फूलबदन पुत्र रामा चैहान द्वारा इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया गया कि उनके गांव में पशुचर की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है तथा पशुचर की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के सम्बन्ध में उनके द्वारा मा0 उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गयी थी, जिस पर मा0 उच्च न्यायालय द्वारा गत 18 सितम्बर को पारित अपने आदेश में उक्त पशुचर की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु आदेश पारित किया जा चुका है, परन्तु अभी तक भूमि अतिक्रमणमुक्त नहीं कराई गयी है। इस पर मण्डलायुक्त जगत राज ने मा0उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उक्त भूमि को तत्काल अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्य की अद्यतन प्रगति की समीक्षा के दौरान पाया कि लिंग अनुपात(जेण्डर रेशियो) का मानक 950 है परन्तु विधान सभा 347-आज़मगढ़ में वर्तमान में यह अनुपात 850 है, जबकि पूर्व में 826 था। इसी प्रकार 346-मुबारकपुर में वर्तमान रेशियो 826 है, जबकि पूर्व में 795 था। मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को जेण्डर रेशियो और बढ़ाकर मानक के अनुरूप लाने का निर्देश दिया। इसी प्रकार ईपी रेशियो (इलेक्टर टू पापुलेशन रेशियो) का मानक 62 है, परन्तु 347-आज़मगढ़ में 66.8 एवं 346-मुबारकपुर में 60.04 पाये जाने पर इसे भी मानक के सापेक्ष लाने हेतु उन्होंने सम्बन्धित को निर्देशित किया। मण्डलायुक्त जगत राज ने भूमि आवंटन की समीक्षा के दौरान पाया कि कृृषि भूमि आवंटन में तहसील का लक्ष्य 1.000हे0 है परन्तु अभी तक कोई आवंटन नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने असन्तोष व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर लक्ष्य के सापेक्ष आवंटन पूरा करें अन्यथा सख्त कार्यवाही की जायेगी। समाधान दिवस में पूर्व के लम्बित प्रकरणों के सम्बन्ध में पाया गया कि 2 प्रकरण खण्ड विकास अधिकारी पल्हनी तथा एक प्रकरण थानाध्यक्ष जहानागंज के स्तर पर लम्बित है। इस पर मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को तत्काल इसे निस्तारित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी पुलिस अजय यादव, तहसीलदार हेमन्त कुमार गुप्ता सहित सभी थानाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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