आजमगढ़ : नवरात्र का शुभारंभ बुधवार से हो गया। 17 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 18 अक्टूबर को नवमी और 19 अक्टूबर को विजयदशमी पर्व पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन व पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। पूजा पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना से लगायत संवेदनशील पूजा स्थलों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
जनपद में दुर्गा प्रतिमा के कुल 405 स्थान संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। इनमें 133 अति संवेदनशील, 126 संवेदनशील एवं 146 स्थान सामान्य श्रेणी के हैं। जिले में कुल 1108 स्थानों पर पूजा पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होंगी, 289 स्थानों से जुलूस निकाले जाएंगे, कुल 185 स्थानों पर रावण का पुतला दहन एवं दशहरे मेला का आयोजन होता है। इसके अलावा 157 स्थानों पर रामलीला और 42 स्थानों पर भरत मिलाप होता है, जबकि 94 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। जिले में प्रमुख दुर्गा मंदिरों की संख्या 13 है। प्रशासन व पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में विवाद की स्थिति शून्य है। दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व पर पिछले वर्ष बाहर से 50 उप निरीक्षक, 100 आरक्षी पुरुष, 443 महिला आरक्षी एवं एक कंपनी पीएसी उपलब्ध हुई थी। इस वर्ष पुलिस बल की मांग की गई है जिसमें तीन कंपनी पीएसी शामिल हैं। 18 अक्टूबर से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन प्रारंभ हो जाएगा। ''दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की पैनी नजर रहेगी। इस बाबत प्रशासन व पुलिस के उच्चाधिकारियों संग बैठक कर रणनीति तैयार कर ली गई है। सभी एसडीएम और सीओ सर्किल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
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