फोन पर तीन तलाक देने के मामले में जनपद में पहली रिपोर्ट दर्ज हुई
आजमगढ़: तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिला को पिछले कई दिनों से धारा की तलाश का हवाला देकर घुमा रही पुलिस ने आखिकार शनिवार को मुकदमा दर्ज किया । पुलिस पति सहित परिवार के सात लोगों को विभिन्न संगीन धाराओं में आरोपित करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई। फोन पर तीन तलाक देने के मामले में जनपद में पहली रिपोर्ट दर्ज हुई है।सुल्तानपुर जिले की रहने वाली नफीसा की शादी वर्षों पहले सिधारी थाना क्षेत्र के हड़हाबाबा मंदिर के पास स्थित औसत अली कालोनी निवासी मुनीस आजमी के साथ हुई थी। इस दौरान वह तीन बच्चों की मां बनी। मुनीस सउदी में नौकरी करता है। ससुरालियों की ओर से मारपीट करने पर नफीसा ने तहरीर देकर घरवालों पर एनसीआर दर्ज कराई थी। इसकी जानकारी होने पर 20 सितंबर को नाराज पति ने फोन पर उसे तलाक दे दिया था। नौ अक्तूबर को नफीसा ने इस संबंध में एसपी ग्रामीण से गुहार लगाई थी। उन्होंने विधिक राय लेते हुए सिधारी पुलिस को केस दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन पुलिस उचित धाराओं की तलाश में मामले को लेकर उलझी रही । यह खबर मीडिया में सुर्खियों में आयी तो शनिवार को सिधारी थाने की पुलिस ने नफीसा की तहरीर के आधार पर उसके पति मुनीस आजमी, सास सितारुनिशा, ससुर अब्बास, देवर इरशाद, ननद राशिदा, फातमा और नसीबुनिशा के विरुद्ध मारपीट, धमकी देने, दहेज उत्पीड़न और मुस्लिम महिला अधिकार एवं संरक्षण अध्यादेश 2018 एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नफीसा की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।
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