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विश्व पर्यटन दिवस::जागरूता कार्यक्रम के साथ प्रश्नोंत्तरी प्रतियांगिता हुई आयोजित

आजमगढ़। फील्ड आउटरीच ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, आजमगढ़ द्वारा जनपद आजमगढ़ के विकासखण्ड़ रानी की सराय में ग्राम गोहूखोर में स्थित पूर्वांचल पी0जी0 कॉलेज में दिनांक 27 सितम्बर, 2018 को ‘‘विश्व पर्यटन दिवस‘‘ के अवसर पर एक विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी आजमगढ़ तारिक अजीज ने कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए अपने उद्बोधन भाषण में कहा कि विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है, क्योंकि विश्व पर्यटन संगठन द्वारा 27 सितम्बर 1980 को विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि हर किसी को घूमना पसन्द है और नई-नई जगह जाना पसंद है, लेकिन आजकल की भागदौड़ में आदमी को इतना समय नहीं मिल पाता है कि वह कहीं घूमने जा सकें, इसको ध्यान में रखते हुए विश्व पर्यटन दिवस की शुरूआत की गयी थी। भारत में घूमने के लिए अनेक ऐतिहासिक इमारतें, मंदिर, स्थान है। भारत सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ‘‘अतुल्य भारत’’ योजना की शुरूआत की। श्री अजीज ने पर्यटन के महत्व को बताते हुए कहा कि पर्यटन से हमें देश-विदेश के खान-पान, रहन-सहन तथा सभ्यता-संस्कृति की जानकारी मिलती है। पर्यटन से हमारे मन के अंधविश्वास टूटते है, पूर्व धारणा समाप्त होती है। हमें यह विश्वास होता है कि विश्वभर में रहने वाले हम सभी मनुष्य मूल रूप से एक ही है। राष्ट्रीय एकता बढ़ाने में पर्यटन का बहुत बड़ा योगदान है। वर्तमान में पर्यटन एक बहुत बडे़ उद्योग का रूप धारण कर चुका है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखण्ड़ जैसे पर्वतीय स्थलों की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही आधारित है।
कार्यक्रम को आगे सम्बोधित करते हुए कॉलेज के संस्थापक डा0 मातवर मिश्र ने कहा कि हमारा देश ऐतिहासिक धरोहरों का देश है। यहॉ के मंदिर, उद्यान, ऐतिहासिक इमारतों, नदियों, पहाड़ आदि की सुन्दरता अतुलनीय है, उन्होंने कहा कि आज पर्यटन का महत्व प्रत्येक देश द्वारा स्वीकार किया जा चुका है। पर्यटन का तात्पर्य देश-विदेश का भ्रमण है। मनोरंजन, अध्ययन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्वास्थ्य लाभ व व्यक्तिगत कारण पर्यटन के मूल में होते है। विगत वर्षों में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, इससे हमारे देश को बहुत आर्थिक लाभ हुआ है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानाचार्या डा0 नीलम राय ने कहा कि विदेश पर्यटकों के लिए भारत में अनेक आकर्षण के केन्द्र है। विगत कई वर्षों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, फिर भी अभी और वृद्धि की सम्भावना है। परन्तु हमारे संसाधन सीमित है जिसके कारण पर्यटकों को ठहरने के स्थान, परिवहन, मनोरंजन आदि की सुविधायें बहुत अधिक नहीं बढ़ाई जा सकती है, परन्तु संगठित प्रयत्न करके कम से कम समय में दूर किया जा सकता है। सरकार की ओर से कोलकाता, मुम्बई, वाराणसी उदयपुर, बैंगलुरू एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर होटलों के निर्माण तथा विस्तार की योजना चलाई जा रही है।
इस मौके पर विभाग द्वारा एक प्रश्नांत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें पर्यटन से संबंधित प्रश्न पूछे गये और विजेता 20 प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कृत प्रतिभागियों में बृजेश, धर्मू, दिव्या, अमरेन्द्र, धीरज, सुधांशु, गीता, पूजा, मदन, अनिल, अमिजा, नेहा, मोनू, संगम, प्रवीण, मनीष, सरला, साधना, मिनाक्षी, अर्चना आदि शामिल रहे।
कार्यक्रम में मुन्नालाल यादव भोजपुरी लोकगीत समिति के कलाकारों ने मनोरंजक लोकगीत एवं बिरहा के माध्यम से पर्यटन के महत्व के बारे में उपस्थित लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में विभाग के क्षेत्रीय प्रचार सहायक रामखेलावन, कॉलेज के संयोजक पंकज मिश्र, कॉलेज के प्रबंधक पवन मिश्र के साथ-साथ कॉलेज के अध्यापक और नगर के अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहें।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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