पूर्व विधायक के बंद पड़े कालेज के अंदर से 50 लाख की अवैध शराब बरामद ,02 गिरफ्तार आजमगढ़ : कप्तानगंज थाना क्षेत्र के डीबनिया गांव स्थित बंद पड़े रामनयन स्मारक महिला महाविद्यालय में गुरुवार को छापेमारी के दौरान अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ी जाने के मामले में पुलिस ने अतरौलिया के पूर्व विधायक रहे सुरेंद्र मिश्रा सहित दो कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अवैध शराब के कारोबार में शामिल पांच सदस्य फरार हो गए। कालेज के अंदर से बरामद अवैध शराब की कीमत लगभग पचास लाख तक होने का अनुमान है। पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि ने गिरफ्तार पूर्व विधायक को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए खुलासा किया कि जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की सूचना पर छापा मारा तो वहा गिरफ्तार तीन लोगों ने कप्तानगंज क्षेत्र में पूर्व विधायक के कॉलेज में बड़े पैमाने पर जहरीली शराब को देशी व अंग्रेजी ब्राण्ड की शराब की बोतलों में तैयार किये जाने व सप्लाई की बात पता चली । इस पर सतर्क हुई पुलिस ने बुधवार की शाम को 03 साल से बंद पड़े पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा के रामनयन स्मारक महिला महाविद्यालय में छापा मार कर अवैध शराब की फैक्ट्री का खुलासा किया था। कालेज के अंदर से भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किया गया था। पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस का विरोध करने व अंदर मौजूद अवैध कारोबार से सम्बन्धित सामानो को जलने का प्रयास करने पर पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा और डिबनिया गांव निवासी श्री यादव पुत्र बेकारू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि छह कारोबारी फरार हो गए। उन्होंने बताया कि विद्यालय के अंदर से पांच ड्रम में एक हजार लीटर अपमिश्रित शराब, एक मारूति ब्रेजा में पांच पेटी अपमिश्रित शराब प्रत्येक पेटी में दो सौ एमएल के 48 पउवे कूट रचित विंडसर,बांबे स्पेशल व्हिस्की,लैला देशी शराब ब्रांड के 1099 स्टीकर,280 क्यूआर कोड,210 खाली प्लास्टिक की दो सौ एमएल की शीशी व 147 ढक्कन मय लेक्टोमीटर बरामद किया गया। हर महीने 01 लाख लेते थे पूर्व विधायक,पुलिस ने मौके से ही पकड़ा पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा के बंद पड़े डिग्री कालेज में पिछले एक साल से अवैध शराब की फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। कालेज के अंदर नकली मिलावटी शराब तैयार कर बांबे स्पेशल व्हिस्की से लेकर लैला देशी शराब के नाम पर पड़ोसी जिलों में भी सप्लाई की जाती थी। अवैध शराब की ब्रिकी से होने वाली आय का गिरोह के सदस्य आपस में बंटवारा करते थे। इसमें पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा का हर महीने एक लाख हिस्सा लगता था। पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि ने बताया कि बंद पड़े कालेज के अंदर पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा अपने फरार साथी बिलरियागंज थाने के शहाबुद्दीनपुर गांव निवासी प्रदीप यादव पुत्र रामबदन यादव के साथ मिल कर नकली अपमिश्रित शराब तैयार करवाते थे। सरकारी शराब का लेबल व क्यूआर कोड लगा कर आस-पास के बाजारों के अलावा पड़ोसी राज्यों में बिक्री कराते थे। इस कारोबार में फरार साथी प्रदीप यादव के अलावा नगर कोतवाली के आहोपट्टी गांव निवासी सोनू यादव पुत्र ब्रह्मदेव यादव, अतरौलिया थाने के धर्मशाला पियरिया गांव निवासी मनोज सोनकर पुत्र अज्ञात, कप्तानगंज थाने के कुशमहरा गांव निवासी संतोष तिवारी पुत्र अज्ञात और कंधरापुर थाने के सोनपुर बर्जी गांव निवासी सोनू यादव पुत्र इंद्रदेव यादव सहित अन्य अज्ञात व्यक्ति भी शामिल रहे। अवैध शराब के धंधे में शामिल सभी कारोबारी शराब बिक्री से प्राप्त धन को आपस में बंटवारा करते थे। इसमें हर महीने पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा का एक लाख रुपये हिस्सा होता था।
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