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सीडीओ ने की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जागरूकता हेतु बैठक,बताये पात्रता मानक

आजमगढ़ 13 सितम्बर 2018-- मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जागरूकता हेतु बैठक सम्पन्न हुई।   
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत बताया कि इसके पात्रता के लिए कन्या के अभिभावक उ0प्र0 का मूल निवासी हो, कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन अथवा जरूरतमंद हों, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा 02 लाख रूपये जो तहसील स्तर से निर्गत हों, के अन्तर्गत होना चाहिए, या जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितान्त दयनीय व वंचित हो, विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो गयी हो, आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होंगे, अनुसूचित जाति/जन जाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी तथा निर्धारित आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत तथा जोनल कार्यालय पर जमा किये जायेंगे।
उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना द्वितीय वर्ष 2017-18 से शासन द्वारा संचालित की गयी है। योजनान्तर्गत प्रति जोड़ा कुल रू0 35 हजार अनुमन्य है, जिसमें आवेदक (कन्या) का 20 हजार रू0 नेफ्ट के माध्यम से खाते में अन्तरित की जायेगी, जबकि विधवा परितक्यता/तलाकशुदा के मामले मंे सहायता राशि 25 हजार होगी। 10 हजार की विवाह सामग्री दिये जाने की व्यवस्था है जबकि विधवा/तलाकशुदा के मामले में 05 हजार रू0 की विवाह सामग्री दिये जाने की व्यवस्था है। इसी के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजन हेतु 05 हजार रू0 प्रजि जोड़ा विवाह कार्यक्रम समिति को दिया जायेगा। उन्होने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम हेतु 10 जोड़े की शादी होना अनिवार्य है।
मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यमंत्री विवाह योजना के अन्तर्गत दिये गये निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का जन मानस मंे ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करंे, जिससे कि लोग मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत पंजीकृत होकर योजना का लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ल, डीसी मनरेगा वीवी सिंह, डीडीओ रवि शंकर राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमेश कुमार यादव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, समस्त संबंधित खण्ड विकास अधिकारी के साथ साथ सांसदों/विधायकों के प्रतिनिधिगण तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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