आजमगढ़। आयाम साहित्यिक समूह द्वारा 'कविता के प्रतिरोधी स्वर एवं स्त्री अस्मिता का सवाल' विषय पर परिचर्चा आयोजित की गयी। जिसकी अध्यक्षता डॉ. सुनीता ने की एवं विषय प्रवर्तन हिना देसाई ने की। संचालन डा.सोनी पाण्डेय ने किया। चर्चा में सुनीता ने कहा कि पुरूष हमारा विरोधी नहीं हमें उसके साथ संतुलन बनाकर चलने की जरूरत है। जब तक हम स्त्रियाँ खुद को चैतन्य कर पुरूषों को यह न समझा पाएंगी कि वह हमें व्यक्ति की तरह देखें और समझें। लड़के महिलाओं का सम्मान करना सीखें तथा सबसे पहले दहेज लेना बन्द करें। कुछ समस्या हमें खुद आगे बढ़ कर खत्म करना होगा। हिना देसाई ने कहा कि स्त्रियों को आर्थिक आजादी बहुत जरूरी है। इस अवसर पर प्रतिभा सिंह,शिखा मौर्या,स्नेहलता राय, आरसी चौहान ने कवितायेँ पढ़ी। आगंतुकों का आभार अनीता साईलेस ने प्रकट किया । इस अवसर पर लक्ष्मी, जगदीश्वर, सरोज यादव,पूजा पाण्डेय आदि उपस्थित रहीं।
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