सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु हत्याओं से कहीं अधिकः डीआइजी आज़मगढ़ 23 अप्रैल -- मण्डलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये ज़रूरी है कि आम नागरिकों के साथ ही स्कूलों में विशेष रूप से यातायात नियमों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिये स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ ही एनसीसी आदि का भी पूरा सहयोग लिया जाये। मण्डलायुक्त श्री रंगाराव ने सोमवार को अपने कार्यालय के सभागार में 29वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह जो 23 से 30 अप्रैल तक मनाया जाना है, के सम्बन्ध में प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उन्होेंने कहा कि सड़क सुरक्षा मानवीय जीवन से जुड़ा अत्यन्त संवेदनशील प्रकरण है इसलिये यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने में कोई मुरव्वत नहीं होनी चाहिये। मण्डलायुक्त ने कहा कि मुख्य मार्गों एवं हाईवे पर स्थित विद्यालयों पर विशेष फोकस की ज़रूरत है। उन्होेंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों में पार्किंग की व्यवस्था को सुनिश्चित कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जाये कि छुट्टी के समय सम्बन्धित विद्यालय के अध्यापक अनिवार्य रूप से अपनी मौजूदगी में ही बच्चों को सड़क पार करायें। इसी के साथ उन्होंने सम्भागीय परिवहन अधिकारी को भी निर्देश दिया कि स्कूल वाहन के चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट देते समय बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप में ग्रूप बनाकर उसके माध्यम से जानकारी देना सुनिश्चित करें ताकि ग़लत व्यक्ति द्वारा वाहन का संचालन रोका जा सके। मण्डलायुक्त श्री रंगाराव ने चालकों विशेष कर स्कूल बस चालकों के नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया। मण्डलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि दुर्घटना बाहुल्य स्थानों, ब्लैक स्पाट का तत्काल चिन्हांकन कर उसकी सूची लोग निर्माण विभाग को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह में यातायात, परिवहन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पुलिस आदि विभागों की सहभागिता सुनिश्चित कराते हुए इस अवधि में उनके द्वारा सम्पादित कार्यो की समीक्षा भी जाये। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे गिट्टी, मारंग बालू आदि रख कर उसका कारोबार करने वालों के कारण भी प्रायः दुर्घटनायें होती रहती है इस लिये इस पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जाये। उन्होंने निर्देश दिया कि स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, ब्वायज स्काउट्स, लायंस क्लब, रोटरी क्लब आदि की सहभागिता से हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग व आवश्यकता के बारे में जागरूक्ता अभियान चलाये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट पहनने के नियम के पालन हेतु प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाया जाये। बैठक को सम्बोधित करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक विजय भूषण ने कहा कि यातायात नियमों की जानकारी के अभाव में आज बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटना के कारण लोगों की असमय मृत्यु हो रही है जो चिन्ता का विषय है। उन्हांेने कहा कि हत्या से अधिक मृत्यु सड़क दुर्घटना के कारण होती है। पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि विगत वर्ष मण्डल में कुल 19320 मृत्यु सड़क दुर्घटना के कारण हुई है जो हत्या से कहीं अधिक है। उन्होंने ब्लैक स्पाट पर स्पीड लिमिट का बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रेशर हार्न के प्रयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ही हेलमेट व सीट बेल्ट की अनिवार्यता तथा सवारी लिमिट पर विशेष सर्तकता बरतने का निर्देश दिया। इस अवसर पर सम्भागीय परिवहन अधिकारी दरोगा सिंह ने 29वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तुत जानकारी दी। बैठक में जिलाधिकारी आज़मगढ़ शिवाकान्त द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ अजय कुमार साहनी, पुलिस अधीक्षक यातायात तारीक मुहम्मद, अपर पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ एनपी सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी(प्रशासन) श्रीराम यादव, आरएम रोडवेज, सहित सभी अन्य सम्बन्धित अधिकारी तथा स्वंयसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
Blogger Comment
Facebook Comment