आजमगढ़। तेजी से बढ़ रहा तापमान का प्रभाव अब दिखना शुरू हो गया। शनिवार की दोपहर का तापमान करीब40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाने से लोग बेहाल हो गये। दोपहर के समय सड़के वीरान नजर आ रही थी। दो दिन से तेज पछुआ हवा से तापमान बढ़ने लगा है और सूरज आसमान से आग बरसा रहा है। धूप इतनी कड़क लग रही कि शरीर का जो भाग खुला है तेज धूप के प्रभाव में जल जा रहा है। सुबह का तापमान करीब 23 सेल्सियस रहा लेकिन सूरज जैसे जैसे चढ़ता गया उसी गति से पारा भी चढ़ता गया। दोपहर बाद तक तापमान 42 सेल्सियस तक पहुंच गया सड़कों पर आवाजाही कम हो गई जो चल रहा था चेहरा पूरी तरह से ढक कर जा रहा था। गर्मी बढ़ने के साथ नगर में शीतल पेय पदार्थों की दुकानें जगह.जगह सज गई है। गन्ना जूस बेचने वाले मोबाइल हो गए जहां भी छाया मिल रही है वहीं कुछ देर के लिए रुक जा रहे है और लोग शबर्त का आनन्द ले रहे है। मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही हमारे शरीर में स्वभाविक रासायनिक परिवर्तन होता है इस बदलाव के साथ यदि सही खाद्य पदार्थों का सेवन करें तो अनेक रोगों से बचा जा सकता है। चिलचिलाती धूप व लू के लगने से लोगों में इस समय बीमारियां पैर पसार रहीं हैं जिसमे उल्टी दस्त बुखार जोड़ो में निर्बलता, त्वचा में संक्रमण, खानपान में अरूचि,एलर्जी,जुकाम बात आदि जैसी अनेक बीमारियां बढ गयी हैं। इस सम्बन्ध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रानीपुर चिकित्सा प्रभारी आलेन्द्र कुमार ने सुधाव देते हुए कहा कि बीमारियों से बचने के लिए रहन सहन व खानपान में बदलाव की जरूरत है। पहनावे में सूती कपड़ा पहनें। जब धूप में बाहर जांय तो छाता लेकर जाएँ । धूप से तुरन्त आने के बाद पानी न पींए। अत्यन्त शीतल पेय लेने से भी बचें सबसे उत्तम है कि घड़े का पानी पीए। इस मौसम में अधिक से अधिक पानी पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है। खाने में तला भुना,चटपटा, मसालेदार खाना, तेज मिर्च,अचार,बेसन और मैदे की चीजें,भैंस का दूध का तथा भर्मण या कठोर परिश्रम आदि का त्याग करें। इनके प्रयोग से बीमारियां बढ़ जाती है। बचाव सम्बन्धित सुधाव देते हुए उन्होने कहा कि जौ, मूंग, मसूर, दही, छाछ, सरबत, सत्तू व मौसमी फल का रस ,तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, नारियल पानी, पुदिना आदि का प्रयोग करने से बीमारियों से बचा जा सकता है। पेट की गर्मी शान्त करने के लिए शीतल पेयजल के स्थान पर दही या छाछ, नीबू की सिकन्जी, खीरा, ककड़ी या प्याज का सलाद फायदेमंद होता है। बर्फ का पानी या कोल्डड्रिंक का सेवन भूल कर भी नहीं करना चाहिए।
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