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डीआईजी आजमगढ़ विजय भूषण को राज्यपाल ने प्रदान किया वीरता का पुलिस पदक


वर्ष 2006 में एसटीएफ के एसपी पद पर रहते दुर्दांत अपराधी को मुठभेड़ में किया था ढेर
चौथी बार मिला है श्री विजय भूषण को पुलिस पदक  
आजमगढ़ :: गणतन्त्र/स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर उ0प्र0 पुलिस में अदम्य साहस एवं उच्च कोटि की वीरता प्रदर्शित करने के लिए वीरता का पुलिस पदक हेतु 32 एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक के लिए 20 पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के नामों की घोषणा भारत सरकार द्वारा की गयी थी। नामित अधिकारियों सहित श्री विजय भूषण, पुलिस उप महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ (तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0) को दिनांक 05.04.2018 को लखनऊ में आयोजित पुलिस सप्ताह 2018 के अवसर पर महामहिम राज्यपाल, उ0प्र0 द्वारा वीरता का पुलिस पदक (चैथी बार) प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में अपराधी अमित उर्फ सचिन पहाड़ी की तलाश हेतु एसटीएफ एवं लखनऊ पुलिस की टीमें प्रयासरत थीं। सूचना प्राप्त हुई कि दिनांक 20.05.2006 को प्रातः 4-5 बजे सचिन पहाड़ी अपने तीन साथियों के साथ दो बाइकों से त्रिवेणीनगर से सीतापुर की ओर जायेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लखनऊ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ से इस सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया तो उन्होंने भी इस सूचना की तस्दीक की। इसकी गिरफ्तारी हेतु दो पार्टियां बनायी गयीं। प्रथम पार्टी का नेतृत्व श्री आशुतोष पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ ने मय फोर्स के व द्वितीय पार्टी का नेतृत्व श्री एस0 के0 भगत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 ने श्री विजय भूषण, अपर पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 व अन्य फोर्स के साथ किया। प्रथम पार्टी सीतापुर रोड पर हिमसिटी के सामने व द्वितीय पार्टी भिठौली तिराहे पर लग गयी। करीब 5.30 बजे मोहिबुल्लापुर की ओर से दो बाइकों पर चार व्यक्ति बैठे आये, जिन्हें रोका गया, नहीं रुके। प्रथम पार्टी द्वारा पीछा कर ओवरटेक कर रुकवाने का प्रयास करने पर बाइकों पर पीछे बैठे व्यक्तियों ने फायर कर दिया और तेजी से भागने लगे। इस सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 को अवगत कराते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लखनऊ बाइकों का पीछा करने लगे। जैसे ही बाइकें भिठौली तिराहे पर पहुँची तो द्वितीय पार्टी द्वारा रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने फायर कर दिया और बाईकों को आई0एम0 रोड पर तेजी से मोड़ दिया। दोनों पार्टियों द्वारा पीछा किया गया। बदमाशों की फायरिंग से जीवन भय बना हुआ था। कोई अन्य रास्ता न देख दोनों पार्टियों के प्रभारियों ने चेतावनी देते हुए आत्मरक्षार्थ फायरिंग की जिससे बदमाश हड़बड़ा गये और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे कि तभी बदमाशों की एक बाइक बाँयी ओर गिर गयी तो बदमाशों ने कच्चे ऊबड़-खाबड़ स्थान की आड़ ले ली तो दूसरी मोटर साइकिल की तलाश हेतु सूचना करते हुए दोनों पार्टियों ने गाड़ियों की व डिवाइडर की आड़ लेकर चेतावनी दी। पुलिस बल बदमाशों की फायरिंग रेन्ज में होने के बावजूद भी शौर्य का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ा तो दोनों बदमाश पुनः फायर करने लगे। बार-बार चेतावनी के बावजूद भी आत्मसमर्पण न करने पर पुलिस बल ने बदमाशों की फायरिंग रेन्ज में और अधिक नजदीक पहुँचकर फायरिंग की। बदमाशों की ओर से फायरिंग बन्द होने पर सावधानीपूर्वक क्रालिंग कर नजदीक पहुँचे कि एक बदमाश ने अचानक पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया तो पुलिस बल ने जवाबी फायरिंग की। बदमाशों की ओर से फायर आना बन्द हो गया। कुछ देर बाद देखा गया तो एक अपराधी 05 अभियोगों में लिप्त, रु0 50, 000- का ईनामी सचिन पहाड़ी व दूसरा 03 अभियोगों में लिप्त विकास कन्नौजिया मृत अवस्था में मिले।
उक्त मुठभेड़ में अदम्य साहस, सूझ-बूझ एवं उच्च कोटि की वीरता प्रदर्शित करने के लिए श्री विजय भूषण, पुलिस उप महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ को वीरता के लिये पुलिस पदक (चैथी बार) प्रदान किया गया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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