आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के पश्चिमपट्टी ग्राम निवासी एक अधेड़ की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आज पुलिस ने मृतक के पड़ोसी साधू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त त्रिशूल भी बरामद कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अहरौला थाना क्षेत्र के पश्चिमपट्टी ग्राम निवासी कन्हैया मौर्य (60) पुत्र स्वर्गीय रामबोध पर बीते 17 अप्रैल की रात नलकूप पर सोते समय जानलेवा हमला कर दिया गया था। जिसमे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसका उपचार वाराणसी के एक अस्पताल में चल रहा था जहाँ ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के पुत्र दिनेश मौर्य ने पडोसी साधु प्रवृत्ति कमलेश उर्फ जालिम निषाद तथा कुछ अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। घटना की जांच में जुटी पुलिस आरोपी कमलेश की तलाश में जुटी थी कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कमलेश उर्फ जालिम दुर्वासा क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और दुर्वासा पुल के पास मौजूद कमलेश उर्फ जालिम निषाद को दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त त्रिशूल भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी कमलेश लगभग चार वर्ष पूर्व गृहस्थ जीवन का त्याग कर साधु का रूप धारण कर लिया। कमलेश ने घर के पास देव प्रतिमा की स्थापना किया था। इसका मृतक कन्हैया मौर्य ने विरोध किया। पड़ोसी द्वारा विरोध करने पर साधु बने कमलेश द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा को हटाना पड़ा।
वहीं कमलेश के कृत्य से परेशान उसकी पत्नी व बच्चे भी कमलेश को त्याग कर चले गए। कमलेश ने अपने हिस्से की जमीन भी गांव के ही किसी व्यक्ति को बेच दिया था। इसी रंजिश को लेकर बीते 17 अप्रैल की रात कन्हैया मौर्य गांव के बाहर स्थित अपने नलकूप पर सोया था। उसी दौरान कमलेश त्रिशूल लेकर नलकूप पर पहुंचा और चारपाई पर सोए कन्हैया पर हमला बोल दिया।
त्रिशूल के प्रहार से कन्हैया बुरी तरह जख्मी हो गया। घायल वृद्ध को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।

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