आजमगढ़: पीडब्ल्युडी मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के द्विवार्षिक सम्मेलन में शामिल होन पहुंचे नगर विकास एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अगर अपनी सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं को गिनाया तो विपक्ष पर हमला भी बोला। ईबीएम के मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश, मायावती और राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए जनता के बीच किरकिरी से बचने के लिए हार का ठिकरा ईबीएम पर फोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी सत्र में विपक्ष विधानसभा चलाने में सहयोग करेगा। पुलिस लाइन परिसर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य एक साल में प्रत्येक नागरिक को मानक के अनुरूप प्रतिदिन 135 लीटर शुद्ध जल उपलब्ध कराना है। हमने अक्टूबर 2018 तक प्रदेश के सभी गांव, शहर और शहर को स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति दिलाकर ओडिएफ करने का लक्ष्य रखा है। काम तेजी से हो रहा है यह लक्ष्य निर्धारित समय में पूरा होगा। विधानसभा न चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधानसभा को सुचारू ढंग से चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की अधिक होती है लेकिन विपक्ष के सहयोग से ही विधानसभा चलती है। हमारा प्रयास होगा कि इस बार विधानसभा अधिक से अधिक चल सके। इसके लिए उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपेक्षा की। ईबीएम पर उन्होने कहा कि अखिलेश जी जब जीतते हैं तो ईवीएम पर सवाल नहीं उठाते, अब बसपा जीती है तो उन्होंने नहीं उठाया। इन्हें सोचना चाहिए कि और भी मुद्दे है। उन्होने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा था कि साबित करें, इसके लिए समय भी दिया लेकिन न तो कोई साबित कर सका और ना ही टेक्निकल ग्राउंड अथवा तकनीकि ही बता सके। हकीकत ये है कि यह जानते हैं कि हार को स्वीकार करने पर जनता के बीच इनकी किरकिरी होगी, इसलिए ये हार को स्वीकार नहीं करना चाहते और ठिकरा ईबीएम पर फोड़ रहे हैं।
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