आजमगढ़: नियम विरुद्ध 90 दैनिक सफाईकर्मियों को ठेके पर रख लाखों के गबन के मामले में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल और ईओ दिनेश विश्वकर्मा को प्रारम्भिक जांच में दोषी पाते हुए दोनों को डीएम ने नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। शासन ने वर्ष 2004-05 में निकायों में वार्डों की सफाई के लिए डीएम की अनुमति से आउटसोर्सिंग से दैनिक सफाई कर्मियों को रखने के आदेश दिए थे। 2016 में डीएम की बगैर अनुमति से पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल और ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने अजय सिंह की सेवा प्रदाता कंपनी को 259.04 रुपये प्रति श्रमिक प्रतिदिन के हिसाब से 90 सफाईकर्मियों की आपूर्ति का कार्य आदेश दे दिया। शासन की ओर से निविदा एक वर्ष के लिए निकालने के आदेश थे, लेकिन इसके विरुद्ध पांच साल के लिए सेवा प्रदाता से अनुबंध कर दिया गया। 90 कर्मियों में सिर्फ 20-25 से काम कराके पूरे का भुगतान लिया जाता रहा। जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक 90 सफाई कर्मियों के नाम से 60,16,784 रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। प्रति श्रमिक कितनी धनराशि दी गई, ईपीएफ जमा हुआ कि नहीं, इसका भी उल्लेख नहीं किया गया। दैनिक सफाईकर्मियों को बैंक में खाते के माध्यम से भुगतान के आदेश हैं, लेकिन ये भी नहीं किया गया। कितने कर्मियों ने किस दिन कहां कार्य किया, इसका भी विवरण नहीं था। इसके अलावा 50 सफाई कर्मियों और 10 चालकों को भी आउट सोर्सिंग से रखा गया था। जबकि उस समय दो चालकों के पद ही रिक्त थे। 90 सफाई कर्मियों के मामले की तरह इसमें भी नियमों का उल्लंघन किया गया। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य कोषाधिकारी और एसडीएम सदर की कमेटी से जांच कराई तो आरोपों की पुष्टि हो गई। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष और ईओ के संरक्षण में गबन हुआ है। दोनों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह का समय दिया गया है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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