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लाइफलाइन हॉस्पिटल में नेविगेशन तकनीक से किया गया ट्यूमर का सफल ऑपरेशन

जी.पी.एस. सिस्टम की तरह काम करती है नेविगेशन तकनीक 

आजमगढ़ : किसी भी क्षेत्र में कौशल एवं तकनीक का समागम अप्रत्याशित परिणाम देता है लेकिन जब बात चिकित्सकीय क्षेत्र की हो रही हो तो यह मानवता एवं मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता है।  हम बात कर रहे है लाइफ लाइन हॉस्पिटल में उपचार हेतु आयीं नसरीन बानो पत्नी मो 0 कमरुद्दीन निवासी ग्राम बाबुसलार थाना महराजगंज के मामले की नसरीन 5 महीनो से सर दर्द एवं आखो की लगातार कम हो रही रोशनी से ग्रसित थी उनकी दिमाग की एम आर आई जाँच के दौरान एक बड़े ट्यूमर का पता चला जो की सर के निचले हिस्से की एक हड्डी में बनकर आँखों की नसों को दबा रहा था न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह एवं नाक कान गला विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश सिंह ने मरीज की जांच के बाद नाक के रास्ते ट्यूमर के ऑपरेशन का निर्णय किया इस ऑपरेशन में न्यूनतम तकनीकों जिसका उत्तर प्रदेश के प्राइवेट सेक्टर में पहली बार प्रयोग किया नेविगेशन टेक्नोलॉजी एवं दूरबीन विधि  के सहयोग से 03  घंटे चले इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया आज ऑपरेशन के चौथे दिन मरीज के आँख की रोशनी पूरी तरह से वापस आ चुकी है और वह स्वस्थ है। न्यूरो सर्जन डॉ.अनूप ने हमे बताया की न्यूरो सर्जरी में तकनीक की पराकाष्ठा कही जाने वाली नेविगेशन तकनीक किसी जी. पी. एस. सिस्टम की तरह काम करती है और ऑपरेशन के दौरान इसके द्वारा ट्यूमर की स्थिति एवं दूरी लगातार पता पता चलती रहती है इससे सुरक्षित ऑपरेशन की निश्चितता सुनिश्चित रहती है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा क्षेत्र में इस तकनीक का आगमन चिकिस्तकीय क्षेत्र में आ रहे बदलाव एवं गुणवत्ता को बताती है। पूर्वांचल में इस तरह की तकनीकी का यह निजी क्षेत्र में पहला उदाहरण। 

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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