आजमगढ़ : 1 से 7 सितम्बर राष्ट्रिय पोषण सप्ताह के तौर पर मनाया गया। पर वास्तव में पौस्टिक भोजन क्या है इस पर विशेषज्ञ से चर्चा की तो काम की बात पता चली। भोजन केवल भूख शांत करने के लिए ही नहीँ करना चाहिए। भोजन से शरीर को दिन भर काम करने के लिए ऊर्जा मिलती है।यही नहीँ,शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है,लेकिन होता यह है कि हम भागदौड़ भरी जिंदगी में दौड़ते भागते नाश्ता करते हैँ। टाइम बे टाइम खाना खाते है। यानी कुल मिलाकर मकसद केवल पेट भरना ही होता है, लेकिन जरुरी यह है कि आप अपनी डाइट में कुछ बातो का अवश्य ध्यान रखे तभी आप सेहतमंद रहेंगे। एक से सात सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है,जिससे कि लोग अपने खानपान में पौष्टिक चीजे शामिल करें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ डी डी सिंह ने बताया कि यदि थोडा सा ध्यान दिया जाये तो हम अपने रोज के आहार को पौस्टिक बना सकते हैं। नाश्ता हमारा सबसे महत्वपूर्ण मील होता है। नाश्ते में कार्बोहायड्रेट जैसे दलिया, सूजी का चिला ,रोटी या पराठा सब्जी लेना चाहिए। इसके अलावा प्रोटीन के लिए यदि अंडा खाते हो तो अंडा ले सकते हैं। यदि नही खाते तो अंकुरित दाल या चने व पनीर को शामिल करें। भुना चना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। नाश्ते में एक मौसमी फल को भी अवश्य शामिल करें। डॉ डी डी सिंह बताते हैं कि दोपहर के भोजन में रोटी,चावल,दाल,सब्जी व रायते के साथ सलाद को अवश्य शामिल करना चाहिए। ध्यान रहे कि सलाद के लिए सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं। रात का खाना हल्का लेना चाहिए। खाने के बाद सोने से पहले दूध अवश्य लेना चाहिए। डॉ डी डी सिंह ने बताया कि प्रत्येक 3 घण्टे के अंतराल पर शार्ट मील (बिस्कुट,छाछ,फल आदि) अवश्य लेना चाहिए। अर्थात 100 से 150 कैलोरी लेना सेहत के लिए फायदेमन्द रहता है।
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