आजमगढ़ 22 सितम्बर 2017 -- शासन के निर्देशानुसार पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष के अवसर पर सूचना विभाग द्वारा डी0ए0वी0 इण्टर कालेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय जनपद स्तरीय अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी का समापन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होने परिसर के सभी स्टालों का व्यापक निरीक्षण कर उसकी प्रशंसा की तथा पं0 दीन दयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत विकास खण्ड बिलरियागंज एवं सठियांव के 26-26 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किया। अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी में 20 सितम्बर को 100 शौचालय निर्माण हेतु आवेदन प्राप्त हुआ तथा 21 सितम्बर को 45 और आज दिनांकं 22 सितम्बर को 65 शौचालय आवेदन पत्र प्राप्त हुए। जिस पर पंचायती राज विभाग द्वारा अग्रिम द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गयी तथा पोस्टर, फोल्डर, पम्पलेट आदि का वितरण किया गया। इसी प्रकार सूचना विभाग द्वारा भी प्रचार साहित्य का वितरण किया गया। इसके साथ ही सूचना विभाग के पंजीकृत सांस्कृतिक दलों मुन्ना लाल यादव एण्ड पार्टी तथा सुनीता चंचल भोजपुरी बिरहा लोकगीत पार्टी द्वारा शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारें अपने लोकगीत के माध्यम से विस्तार से लोगों को बताया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने जनपद स्तरीय तीन दिवसीय अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे आमजन को शासकीय योजनाओं के विषय में बेहतर जानकारी उपलब्ध करायी गयी है। उन्होने पं0 दीन दयाल उपाध्याय के कृतित्व एवं व्यक्तिव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उपाध्याय जी का कहना था की हमारी सम्पूर्ण व्यवस्था का केन्द्र मानव होना चाहिए। उन्होने कहा था कि भौतिक उपकरण मानव के सुख के साधन है साघ्य नही। हमारा आधार एकात्म मानव है जो एकात्म समष्टियों का एक साथ प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखता है। एकात्म मानववाद के आधार पर हमें जीवन की सभी व्यवस्थाओं का विकास करना होगा। एकात्मता समग्रता में निहित रहती है। श्री अभिषेक सिंह ने आगे कहा कि पं0 दीन दयाल जी ने एकात्मवाद के आधार पर एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना की जिसमें विभिन्न राज्यांे की संस्कृतियां विकसित हो और एक ऐसा मानव धर्म उत्पन्न हो जिसमें सभी धर्मो का समावेश हो। जिसमे व्यक्ति को समान अवसर और स्वतन्त्रा प्राप्त हो। जो एक सुदृढ़ एवं सम्पन्न राष्ट्र कहलाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा0 कन्हैया सिंह ने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय साधारण थे लेकिन उनका व्यक्तित्व असाधारण था। पं0 जी प्रत्येक समस्या का समाधान समन्वय में तलाशते थें। उनका दृष्टिकोण सकारात्मक एवं आशावादी था। उनका कहना था कि सर्वागीण प्रगति अकेले नही की जा सकती है। जब हम सामूहिक रूप से अपना-अपना काम करके राष्ट्र की चिन्ता करेगे तो सबकी व्यवस्था हो जायेगी। सदैव समाज का विचार करके ही काम करना चाहिए। इस अवसर पर अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र ने मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा समापन के पश्चात सभी के प्रति अभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रभु नारायण पाण्डेय उर्फ प्रेमी जी ने किया।
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