आजमगढ़ : आज देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारे अगल बगल बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनको यदि अवसर मिले तो वे बहुत कुछ कर सकते हैं। ऐसे ही हैं हमारे जिले के सगड़ी तहसील के छपरा सुल्तानपुर गाँव के डॉ बंशीधर सिंह। डॉ सिंह ने बीएससी(बायो) के द्वितीय वर्ष के छात्रों को पढ़ाई जाने वाली पुस्तक 'कोर्डेटा' की रचना मात्र डेढ़ वर्ष में कर डाली। अब यह पुस्तक बाजार में उपलब्ध है। डॉ बंशीधर सिंह वर्तमान में डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ में प्राणी विज्ञान के विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। पिछले एक दशक से ज्यादा समय से अध्यापन कार्य कर रहे डॉ सिंह के मन में ख्याल आया कि क्यों न एक ऐसी पुस्तक लिखी जाए, जो पाठ्यक्रम के अनुरूप हो, भाषा शैली आसानी से समझ में आए, साफ और स्पष्ट चित्रात्मक वर्णन हो तथा सबके लिए सुगम और सस्ती हो। इसी बात को ध्यान में रखकर इस पुस्तक की रचना की गई है। यह पुस्तक उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को पूरा करने में समर्थ है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद किसी दूसरे स्रोत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विदित हो कि डॉ बंशीधर सिंह के माता पिता बेसिक शिक्षक से सेवानिवृत्त हुए हैं। इनके छोटे भाई डॉ डी डी सिंह बाल रोग विशेषज्ञ हैं तथा सबसे छोटे भाई डॉ मुरलीधर सिंह लखनऊ में शिक्षण कार्य करते हैं। डॉ सिंह के इस कार्य से पूरे जनपद में खुशी की लहर दौड़ रही है। परिवार के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इज़हार किया। डॉ सिंह के पिता श्री धर्मदेव सिंह ने इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर कहा कि बेटे का यह कार्य समाज को लाभान्वित करेगा इसी बात की खुशी है। डॉ सिंह को बधाई देने वालों में अरविंद सिंह, शिव गोविंद सिंह, सुबाष सिंह, अनिल मिश्रा, अमित राय, आद्या प्रसाद सिंह, प्रफुल्ल पाठक सहित तमाम लोग शामिल रहे।
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