आजमगढ़ : जी0एस0टी0 (वस्तु एवं सेवाकर) के अन्तर्गत विभागों को भी पंजीयन कराना होगा। 2.50 लाख रू0 से अधिक के भुगतान पर टी0डी0एस0 कटेगा तथा प्रत्येक माह की 10 तरीख तक रिर्टन दाखिल करना होगा। उक्त निर्देश जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने आहरण-वितरण अधिकारियों की जी0एस0टी0 पर आयोजित कार्यशाला को दिये। जिलें मेे लगभग 135 आहरण-वितरण अधिकारी है। उन्होने कहा कि 10 तारीख तक रिर्टन दाखिल न करने तथा भुगतान के 5 दिन के भीतर टी0डी0एस0 न काटने पर प्रतिदिन 100 रू0 का जुर्माना लागेगा जिसे सम्बन्धित आहरण-वितरण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से देना होगा इसलिए इसकी कार्यवाही पूरा करायें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले स्तर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता इसके नोडल अधिकारी है। प्रत्येक तहसील में इसकी समस्या के समाधान के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित किया गया है। जिले स्तर पर वाणिज्य कर विभाग से वी0के0 नाग इसके नोडल अधिकारी है जो समस्याओ का समाधान करेंगे । कार्यशाला में अशोक कुमार बनर्जी उपायुक्त तथा श्रीमती सीमा सरोज सहायक आयुक्त वाणिज्य कर ने जी0एस0टी0 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दिया। साथ ही कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों के प्रश्नो का उत्तर दिया। उन्होने कहा कि पहले लगभग 17 प्रकार के कर थे, अब पूरे देश में एक कर होगा। इसके चार स्लैब है, 5, 12, 18 एवं 28 प्रतिशत कर। इसका आधा केन्द्र एवं राज्य सरकार को मिलेगा। इससे राज्यों को अधिक राजस्व भी प्राप्त होगा तथा कर पर कर भी नही लगेगा। उ0प्र0 में 20 लाख से अधिक व्यापार करने वाले जी0एस0टी0 के दायरे में आयेगें तथा पंजीयन करायेगें। उन्होने बताया कि जुलाई माह का 20 अगस्त तथा अगस्त माह का 20 सितम्बर तक रिर्टन फाइल करने की छूट है। इसके बाद माह की 10 तरीख तक जीएसटी एक, 15 तरीख तक जीएसटी 2 फार्म एवं 20 तारीख तक जीएसटी 3 भरना होगा। ये तीनों फार्म बेहद आसान है। फार्म भरते ही आॅनलाइन टैक्स कटौती हो जायेगी। समय बीतने पर जुर्माना की नोटिस भी आॅनलाइन आ जायेगी। कार्यशाला में जीएसटी के प्रावधानों के बारें में डा0 दयाशंकर ने बताया कि जिले का लक्ष्य सरकारी विभाग से 35 करोड़ रू0 राजस्व प्राप्त करने का है। सभी 135 आहरण-वितरण अधिकारी अपना पंजीयन करा ले। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा, सभी उप जिलाधिकारी, आहरण-वितरण अधिकारी तथा व्यापार कर के संयुक्त आयुक्त हंसकुमार, वी.पी. सिंह, उपायुक्त गुलाम रब्बानी भी उपस्थित रहें।
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