शाहगढ़ : आजमगढ़ : सठियांव ब्लॉक के शाहगढ़ गांव में चार जगहों पर स्वच्छ जलधारा कार्यक्रम 2003-04 योजना के तहत पानी की टंकी 13 वर्ष पूर्व बनाई गयी । ग्रामीणों के घर तक पानी की सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड पाइप भी बिछाई गयी। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिल सका एक बूँद स्वच्छ जल। योजना के लाखो रूपए खर्च होने के बाद भी नहीं हो सकी पानी की टंकी संचालित। शाहगढ़ कस्बा जिला मुख्यालय से पाँच किलोमीटर पर आबाद हैं। ग्रामीणों को स्वच्छ जल मुहैया कराने के लिए स्वच्छ जल योजना के तहत वर्ष 2003-04 में पहली पानी की टंकी प्राइमरी विद्यालय के प्रांगण में, दूसरी टंकी रामजानकी मंदिर के सामने, तीसरी पानी की टंकी चौहान बस्ती के पश्चिम और चौथी टंकी मौर्या बस्ती के उत्तर दिशा में बनकर तैयार हुई । चारो टंकी में पानी स्टोर करने के सब्मर्सिबल की बोरिंग हुई और पानी संचालित करने के लिए शासन से चार जनरेटर भी आया था। पेयजल टंकी बना देख ग्रामीणों में आशा जाग उठी की अब हमें दूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा, लेकिन ग्यारह वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को स्वच्छ जल की एक बूँद पानी नसीब नही हुआ। हाल यह है की पानी की टंकी को संचालित करने वाले जेनेरेटरों का कोई अता पता नहीं चला। लाखो की लागत से निर्मित पानी की टंकी पूरी तरह से बेकार साबित हो रही हैं। गांव के अतुल सोनकर, मुन्ना गोड़, अनिल सोनकर, रामू, प्रमोद चौहान, धर्मू राम, शहाबुद्दीन, इलियास आदि लोगों का कहना हैं कि कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की गयी इसके बाजूद कोई भी विभागीय जिम्मेदार कर्मचारी नहीं आए।
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि लगता हैं ठेकदार वह विभागीय कर्मचारी मिली भगत से लाखो रुपयो की बंदर बाँट कर दी गयी है । ग्रामीणों ने इसकी जाँच कराये जाने व पानी की सप्लाई को शुरू कराने की मांग की हैं।
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