आजमगढ़। सिख समुदाय द्वारा गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाशोत्सव रविवार को शहर के विट्ठलघाट स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हजारों लोगों ने गुरु के दरबार में मत्था टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु अरदास के बाद कड़ाह प्रसाद का वितरण किया गया। सुबह से ही सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारे पर पहुंचने लगे थे। पूर्वान्ह करीब 8 बजे भजन किर्तन व अरदास का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें भक्तों के साथ ही निजामाबाद के जत्थेदार सतनाम सिंह, बनारस के जसवीर सोनी अपनी संगतों के साथ मौजूद रहे। वाहे गुरु की फतेह, वाहे गुरु का खालसा के जयकारे गूंजते रहे। सतनाम सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना साहिब में 1666ई. में गुरु तेग बहादुर सिंह व माता गुजर कौर के घर हुआ था। छोटी सी आयु में इन्होंने अपने पिता गुरु तेग बहादुर सिंह को हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए शहीदी हेतु प्रेरित कर दिया था। वर्ष 1699 में इन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, संगम अरोरा, रिंकू सिंह, राजेश अरोरा, परमजीत सिंह, हरविंदर सिंह, गणेश, कन्हैया सिंह, वेदांता सिंह, श्यामसुंदर अरोरा आदि उपस्थित थे।
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