आजमगढ़। घने कोहरे ने ट्रेनो की रफतार पर ब्रेक लगा दिया है। उत्तरी भारत में कोहरा थमने का नाम ही नही ले रहा है जिसके चलते बाहर से आने वाली ट्रेने 10 से 15 घंटा देरी से परिचालित हो रही है। इस देरी के कारण रेलवे का लाखो रुपए का नुकसान हो रहा है। शुक्रवार को शाहगंज-आजमगढ-मऊ के बीच चलने वाली लम्बी दूरी की आधा दर्जन से अधिक ट्रेने कई घंटे बिलम्ब से आई जिसके चलते इस कडाके की ठन्डक में यात्रियो को काफी परेशानी का सामना करना पडा। रेल सूत्रो के अनुसार कैफियात डाउन 12226 सोलह घंटा, उत्सर्ग 18191एक घंटा, सरयू यमुना 14650 बाइस घंटा, साबरमती 19165 साढे छ घंटा, मुम्बई-आजमगढ 111053 सत्तरह घंटा बिलम्ब से आई। खासतौर से जिले से होकर जाने वाली कैफियात सबसे अधिक विलम्बित चल रही है। इसके चलते स्टेशनो से अपने घर जाने के लिए वाहन न मिलने से यात्री रात भर प्लेट फार्म पर कांपते रहे। ट्रेनों के बिलम्ब से चलने से रेलवे की समय सारिणी ही बिगड जा रही है। जिसके कारण कई गाड़ियों को रद्द करना पड रहा है। शुक्रवार को दिल्ली से आजमगढ तक आने वाली कैफियात 112226 डाउन दो बजे तक कानपुर लखनऊ के बीच रहने की सूचना बताई गई। जब की कैफियात को आजमगढ में सुबह साढे नौ बजे पहुच जाना चाहिए। स्टेशनो पर ट्रैन की लोकेशन जानने के लिए खिडकियो पर पूछ ताछ की लम्बी कतारे लग रही है। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि घने कोहरा के चलते गाड़ियां बिलम्ब से चल रही है।
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