आजमगढ़। नगर के डीएवी मैदान में अभिषेक जायसवाल दीनू के आयोजन में मंगलवार को शिवगुरू महोत्सव सम्पन्न हुआ , जिसमें हजारों श्रद्धालु स्त्री पुरुष ने हिस्सा लिया। अपने प्रवचन में स्वामी अंजनीदास ने कहा कि शिव आनन्द स्वरूप है। शिव चर्चा से मनुष्य ही नहीं प्राणी मात्र को आनन्द ही मिलता है। भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष जिससे सम्पूर्ण जगत के प्राणी मात्रा का विनाश होने जा रहा था, ऐसे में विष पान कर विश्व की रक्षा की और संसार को सुख पहुंचाया। गरल पान कर वे शिव हो गये। जिसने भी शिव को अपना गुरू बनाया उसका कल्याण हुआ और आनन्द स्वरूप हो परमात्मा का सर्वाधिक प्रिय हुआ। उन्होंने कहा कि पुरूषार्थी, परिश्रमी एवं कर्मयोगी व्यक्ति की दुनिया में सर्वत्र पूजा होती है और निखट्टू, आलसी व कर्महीन व्यक्ति सबकी उपेक्षा का पात्र बनता है। स्वामी जी ने कहा शिव चर्चा से प्रेरणा लेकर अमृत तुल्य सुख बाँटने का प्रयास करना चाहिए। निश्चय ही आपको आत्मानन्द के साथ आत्मसुख व आत्मसंतोष की प्राप्ति होगी। उन्होंने कहा गोधन, गजधन बाजिधन, और रतन धन खान। जब आवै संतोष धन सब धन धूरि समान।। उन्होंने यह भी कहा जिसने विष पिया बना शंकर जिसने विष पिया बनी मीरा।। इसलिए हर कठिनाईयों में भी दूसरों को सुख व आनन्द प्रदान करना हम अपनी दैनिक जीवन का आधार बनायें तो जहाँ शिवकृपा से हमारी सामार्थ्य में वृद्धि होगी वहीं आत्मानन्द की नित्य प्राप्ति होगी। परमात्मा को प्राप्त करने का यही सरल उपाय है। दूसरों का कल्याण सबसे बड़ा धर्म है। परहित सरिस धर्म नहि भाई , पर पीड़ा सम नहिं अधमाई। परहित सोचना करना सबसे बड़ा धर्म है। कार्यक्रम में गाया गया भजन 'भक्त के बस में हैं भगवान' ने लोगों को आनन्दित कर भक्ति भाव से झूमने के लिए मजबूर कर दिया। शिव चर्चा में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल, अभिषेक जायसवाल उर्फ दीनू प्रकाश यादव, मनोज यादव, केदार नाथ चौधरी, संतोष गुप्ता, सुनील विश्वकर्मा , आदित्य प्रकाश आर्य , संजय , गोंड कैलाश गोंड आदि अनेक मणमान्य नागरिकों के साथ हजारों की संख्या में भक्तजनो ने हिस्सा लिया।
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