आजमगढ़.: मध्य प्रदेश के इंदौर से पटना जा रही ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने में जनपद के तीन और लोगों की मौत हो जाने के बाद आजमगढ़ जनपद से रेल हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंच गई। हादसे में मृत पिता-पुत्र व भांजे के शव सोमवार की दोपहर क्षेत्र के सिरसाल गांव पहुंचे। शव देखते ही जहां परिवार में कोहराम मच गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। पूरे गांव में मातम छा गया। इस हादसे में मृतकों के साथ रही नौ वर्षीय दिव्यांग शेजल भी घायल हुई है। मिली जानकारी के अनुसार रानी की सराय क्षेत्र के सिरसाल ग्राम निवासी दलसिंगार यादव के संयुक्त परिवार में छोटा पुत्र रामनवल यादव (55) परिवार सहित मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रहता था। जीविकोपार्जन के लिए रामनवल फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े थे। उनके साथ सिधारी थाना क्षेत्र के हलुआडीह ग्राम निवासी भांजा सुनील (30) पुत्र जिउत भी वहीं रहकर फर्नीचर का काम करता था। रामनवल के बड़े भाई शंकर यादव के पुत्र अजय की शादी सोमवार को सुनिश्चित थी। जबकि रामनवल के दो पुत्रों में छोटे शैलेश (24) का द्विरागमन (गवना) 23 नवंबर को सुनिश्चित था। शादी समारोह से पूर्व रामनवल की पत्नी शकुंतला देवी व बड़ा पुत्र पंकज तथा उसकी पत्नी तीनों इंदौर से घर आ चुके थे। इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाला शैलेश शनिवार को नौ वर्षीय दिव्यांग भांजी शेजल व पिता तथा फुफेरे भाई सुनील के साथ घर के लिए रवाना हुआ। कानपुर के पास रविवार की भोर में हुए ट्रेन हादसे में पिता-पुत्र व भांजे की मौत हो गई। जबकि साथ रही मृतक रामनवल की दिव्यांग नतीनी शेजल (9) घायल हो गई। ट्रेन हादसे की खबर पाते ही परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से कानपुर के लिए रवाना हो गए। सोमवार की दोपहर तीनों शव जैसे ही सिरसाल गांव लेकर परिजन पहुंचे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोगों की भीड़ मृतकों के दरवाजे पर उमड़ पड़ी। चहुंओर चीख-पुकार मच गई। पूर्व सूचना कके आधार पर शव आने का इंतजार कर रहे गांव के लोग पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। कुछ देर तक दरवाजे पर शव रखने के बाद पिता-पुत्र सहित तीनों की अर्थी उठते ही पूरा माहौल कारुणिक हो गया। पिता के सामने पुत्र और पौत्र और नाती की अर्थी-उठाना मृतक रामनवल के पिता दलसिंगार यादव और माता कुलपति देवी पर वज्रपात के सामान रहा । वृद्ध पिता और मां के सामने ही सारी अर्थी उठते ही सभी लोग चीख पडे। तीनों शवों का क्षेत्र के दत्तात्रेय धाम पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीँ दूसरी तरफ मनहास घटना में एक हंसता खेलता परिवार तबाह हो गया , यह परिवार भी रानी कि सराय क्षेत्र से सम्बंधित था।
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