राजनीति के आर्दश थे बाबू रामनरेश- रमाकांत यादव राजकीय सम्मान के साथ हुई विदाई,बड़े पुत्र कमलेश ने दी मुखाग्नि आजमगढ़। मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव के पैतृक गांव अंबारी के आंधीपुर में बुधवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर लाया गया। यहां शोक संवेदना जताने वालों का सुबह से ही जन सैलाब दिखा। दोपहर में जनता इंटर कालेज शव ले जाया गया जहां वह प्रबन्धक के तौर पर वह कार्य भी कर चुके थे। इंटर कालेज में लगभग 01 घण्टे जनता दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद तमसा नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट पर 12.15 बजे शव को अन्तिम संस्कार के लिये दुर्वाशा धाम ले जाया गया । केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि विश्वास सारंग के आने के बाद 3.15 गार्ड आफ आनर के बाद उनके बड़े बेटे कमलेश यादव ने मुखाग्नि दी। मौके पर प्रदेश सरकार मे मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, विधायक डा संग्राम सिह यादव,विधायक श्याम बहादुर यादव, विधायक अभय नारायण,पूर्व प्रमुख विजय यादव, एसपी कुंतल किशोर उपस्थित थे। पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव की अंतिम यात्रा में पहुचे जनप्रतिनिधियो ने बाबू जी को सच्चा देश भक्त , ईमानदार और सादगी का प्रतीक बताया। उत्तर प्रदेश काग्रेंस पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद संतोष सिंह ने कहा कि बाबू जी का जीवन सादगी का प्रतीक था उनका जीवन समाजवादी विचार धारा से प्रेरित था। पूर्व सांसद राम कृष्ण यादव ने कहा कि वे बाबू जी मेरे बडे भाई थे उनके निधन से एक निष्ठावान और ईमानदार व्यक्ति का अंत हो गया , उनका जीवन शुरू से ही समाजवादी जीवन था। उनके निधन से पूरे देश की अपूर्णीय क्षति हुई है। विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव ने कहा कि वे हम लोगो के मार्ग दर्शक थे। लोगो को उनके पद चिन्हो पर चलना चाहिए उनके निधन से पूरे प्रदेश की क्षति हुई है। उनके सादगी जीवन के लिए हमे संकल्प लेना चाहिए। पूर्व सांसद बहलिहारी बाबू ने कहा बाबू जी एक श्रेष्ठ और सादगी के प्रतीक व्यक्ति थे। उनके पास सारे गुण थे जो एक महानपुरूष के पास होता है। उनके द्वारा किये गये सघर्षो को कभी भुलाया नही जा सकता है। वही पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि बाबू राम नरेश यादव जी के निधन से हमारे जनपद ही नही पूरे प्रदेश की राजनीति को आघात लगा है। उनकी कमी की पूर्ति निकट भविष्य में नही होनी वाली है। वे हमारे संरक्षक थे और हमारे आर्दश भी थे। वे अत्यत ईमानदार,सज्जन, मृदुभाषी और अच्छे स्वभाव के नेता थे। गरीब परिवार में जन्म लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहली बार गरीब किसान का बेटा मुख्यमंत्री हुआ था और अपनी ईमानदारी निष्ठा व सादगी के चलते निरन्तर उच्च पदो पर वह पहुंचे। और मध्य प्रदेश के राज्यपाल बने। उच्चपदस्थ होने के बावजूद बभी उनमे अहंकार नही दिखा। जो जो जिम्मेदारिया मिली उसका पूरी निष्ठा और कर्तव्य परायणता के साथ निर्वहन किया। पूर्व सांसद ने कहा कि इस दुख की घड़ी में दुखी उनके परिवार जनो,प्रियजनों और जनपद वासियो को इस दुख को सहन करने की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।
Blogger Comment
Facebook Comment