इस काण्ड की आंच सिर्फ मुस्लिम नौजवानों तक नही रही बल्कि आतंकवाद का कलंक जिले पर लगा- आमिर रशादी
छदम राष्ट्रवादी केंद्र सरकार जवानों की हत्याओं पर कोई ठोस कदम नही उठा रही
आजमगढ़: बटला हाउस इन्काउन्टर की आठवीं बरसी पर जांच इस घटना की न्यायिक जांच की मांग कर रही राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल द्वारा नगर के मेहता पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। जिसमें जनपद के कोने-कोने से आये कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धरने को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि 19 सितम्बर 2008 के बटला हाउस फर्जी इन्काउन्टर में जनपद के दो होनहार छात्रों के साथ एक जांबाज पुलिस अफसर को मौत के घाट उतार दिया गया और कई अन्य मुस्लिम नौजवानों को आतंकवाद के झूठे आरोप में सलाखों के पीछे डाला गया और उनका जीवन बर्बाद कर दिया गया। उन्होंने कहा की इस काण्ड की आंच सिर्फ मुसलमानों तक सिमित नही रही बल्कि आतंकवाद का कलंक हमारे पूरे जिले आजमगढ़ पर लगा। उन्होंने कहा कि इस कलंक को मिटाने के लिए ओलमा कौन्सिल लगातार पिछले 8 वर्षो से न्यायिक जांच की मांग कर रही है, ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इस मामले को लेकर ओलमा कौन्सिल दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों में धरना-प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि वह केन्द्र व दिल्ली की सरकार से बटला हाउस इन्काउन्टर की न्यायिक जांच की मांग करेंगे और कांग्रेस और उसकी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित का विरोध कर उनका असली चेहरा जनता के सामने भी करेंगे। क्योंकि शीला दीक्षित की सरकार के समय ये सब हुआ और उन्होंने कोई जांच नही करायी। उन्होंने प्रदेश की सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उ0प्र0 जल रहा है, मुलायम परिवार कुर्सी की लड़ाई में जल रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले बिजनौर में जिस तरह से गहरी साजिश के तहत एक स्कूल जा रही छात्रा को पहले छेड़ा जाता है और फिर उसी के घर धावा बोलकर उसके परिवार के चार लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतारने के साथ ही 2 वर्ष के बच्चे से लेकर 60 वर्ष तक के बुजुर्ग तक दर्जनों को घायल किया जाता है और पुलिस मौन खड़ी तमाशा देखती है। उन्होंने कहा कि इस नरसंहार में सपा तथा भाजपा दोनों शामिल है और मिलकर मिलकर एक बार फिर प्रदेश में एक और मुजफ्फरनगर को अंजाम देना चाहते है ताकि ध्रूवीकरण कर राजनैतिक लाभ उठाया जा सके। बसपा अध्यक्ष मायावती पर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि मायावती को सपा सरकार में मुसलमानों की याद सता रही है। इन्हीं की सरकार में हकीम तारिक और मरहूम खालिद मुजाहिद को गिरफ्तार किया गया था तो मायावती कौन सा मौन व्रत धारण किये हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके बनाये निमेश कमीशन ने उन्हें बेगुनाह करार दिया था पर मायावती फिर भी अपने आरएसएस के आकाओं को खुश करने के लिए उन मजलूम और बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को रिहा नही कर पाई और आज जब सत्ता से दूर हो गयी है तो मुसलमान और उनके दुख मायावती को भी सताने लगे है। मौलाना आमिर रषादी ने उरी में हुए आतंकवादी हमले में मारे गये जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि हम शहीद जवानों को श्रदांजलि अर्पित करते है। वह देश के लिए शहीद हुए है और हमे उन पर गर्व है और इस दुख की घड़ी में हम और पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि हमे अफसोस इस बात का है कि छदम राष्ट्रवाद को चोला ओढ़ी नरेन्द्र मोदी सरकार आये दिन जवानों की हत्याओं पर कोई ठोस कदम नही उठा पायी। जहां एक तरफ देश का सीना छलनी किया जा रहा है। तो वही दूसरी तरफ 56 इंच के सीने का दावा करने वाले नरेन्द्र मोदी नवाज शरीफ का जन्मदिन मनाने बिन बुलाये पाकिस्तान पहुंच जा रहे है और हिन्दुस्तान में उनके मंत्री मुसलमानों को पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे है और ट्वीटर पर हमले की निन्दा कर रहे है।
इस दौरान पार्टी के महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि ओलमा कौन्सिल ने बटला हाउस इन्काउन्टर को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। वरना इस देश में इससे पहले ना जाने कितने फर्जी इन्काउन्टर में मुसलमानो को मौत के घाट उतारा गया पर किसी को वह याद नही रहा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आज कांग्रेस और उनके सहयोगियों को जवाब देने में पसीने छूट रहे है।
धरने में मुख्य रूप से पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना शहाब कासमी, मौलाना मुक्तदा खैरी मिस्बाही, परमात्मा शरण पाण्डेय, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मौलाना गुलाम मोहम्मद रजवी, मुफती गुफरान कासमी, प्रदेष अध्यक्ष अनिल सिंह, नुरूलहोदा अंसारी, शकिल अहमद, शमीम, रेहान, डा0 चैहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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