जीयनपुर :आजमगढ़ : घाघरा नदी का जलस्तर मंगलवार को तेजी से घट रहा है और यही घटाएं भारी कटान का कारण भी बनता जा रही है । मंगलवार को डिघिया नाला पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर के नीचे 70.13 मीटर तो मुख्य माप स्थल बदरहुआं नाला पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से नीचे 71.26 मीटर रिकार्ड किया गया। बाढ़ का पानी हटने के बाद दर्जन भर गांवों के रास्ते कीचड़युक्त हो गए हैं। सड़ रहे पानी से उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना दूभर हो गया है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और हैंडपाइप का प्रदूषित जल पीने से संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी है। बाजजूद इसके स्वास्थ्य महकमा गांवों में जाने से बच रहा है। उधर अभी भी कई गांवों में कटान जारी है। मुराली का पुरवा, रामधार का पुरवा, बगहवा व महुला देवारा में मंगलवार की शाम तक लगभग 75 बीघा जमीन घाघरा की लहरों में विलीन हो गई । फसल बर्बाद होने से किसानों को परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई के अलावा रोजाना की छोटी जरूरतें पूरा करने चिंता सता रही है। जलस्तर कम होने से बिमारियों का खतरा बढ़ गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंच रही है। दर्जन भर गांवों में बाढ़ के पानी से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं वहीं कच्चे मकान गिर चुके है। मकान न होने से आशियाना में सोने के बजाय लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर है । महुला देवारा, मुराली का पुरवा व बगहवा में कटान जारी है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर देखी जा सकती है। कितने किसान भूमिहीन होने के कगार पर है। डेढ़ माह के अंदर सोनौरा, भदौरा मकरंद, मुखलिशपट्टी, मानिकपुर, अजगरा मशर्की, मसुरियापुर, गांगेपुर मठिया, सहबदिया सुल्तानपुर, परसिया, महुला, महुला देवारा, दाममहुला, जमुवारी, महेशपुर, सहित 51 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।
Blogger Comment
Facebook Comment