आजमगढ़। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला आँगनबाड़ी कर्मचारी संघ उ0 प्र0 के तत्वावधान में मंगलवार को आँगनबाड़ी कर्मचारियों की महिला कर्मिंयों ने अम्बेडकर पार्क में काली पट्टी बाँधकर काला दिवस मनाया और केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह तथा संचालन जिला संरक्षक अनिरूद्ध कुमार द्विवेदी ने किया। श्री द्विवेदी ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर रेलवे स्टेशन स्टेडियम चारबाग लखनऊ में कहा था कि आँगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाये राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार का काली पट्टी बाँधकर विरोध कर रही हैं। इनका मानदेय 3000रू0 से बढ़ाकर 15000रूपये किया जाना समय की माँग है। उन्होंने प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ठ कराते हुए कहा है कि नरेगा के मजदूरों की एक दिन का मानदेय 161/- रूपये दिया जा रहा है। और कार्यकत्री का मानदेय एक दिन का 100/- रूपया दिया जा रहा है। यह सरासर अन्याय है इन्हें शिक्षा का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
मुख्य अतिथि द्रौपदी सिंह ने कहा कि आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमारा संकल्प है कि हम अपने बहनों को संगठित करके राज्य सरकार व केन्द्र सरकार तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक कि हमारा मानदेय बढ़ा न दिया जाय।
जिला मंत्री श्रीमती ऊषा सिंह के कहा कि सरकार महिलाओं का एक तरफ सशक्तिकरण करने का दम भर रही है। तो दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकों का शोषण कर रही है।
इस अवसर पर शीला सिंह, सीमा सिंह, कुसुम उपाध्याय, रानी मौर्या, शशिकला, ऊषा चतुर्वेदी, सरस्वती, गीता राय, सुनीता राय, पूनम पाठक, रीता देवी, निर्मला यादव, चन्द्रवती, सरिता कुशवाहा, आरती सिंह, अनीता यादव, निर्मला सिंह, प्रमिला यादव, कमलेश, गीता देवी, शोभा देवी, वन्दना, प्रमिला यादव आदि सैकड़ों कार्यकत्री सहायिकाओं ने अपना विरोध व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह तथा संचालन जिला संरक्षक अनिरूद्ध कुमार द्विवेदी ने किया। श्री द्विवेदी ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर रेलवे स्टेशन स्टेडियम चारबाग लखनऊ में कहा था कि आँगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाये राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार का काली पट्टी बाँधकर विरोध कर रही हैं। इनका मानदेय 3000रू0 से बढ़ाकर 15000रूपये किया जाना समय की माँग है। उन्होंने प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ठ कराते हुए कहा है कि नरेगा के मजदूरों की एक दिन का मानदेय 161/- रूपये दिया जा रहा है। और कार्यकत्री का मानदेय एक दिन का 100/- रूपया दिया जा रहा है। यह सरासर अन्याय है इन्हें शिक्षा का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
मुख्य अतिथि द्रौपदी सिंह ने कहा कि आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमारा संकल्प है कि हम अपने बहनों को संगठित करके राज्य सरकार व केन्द्र सरकार तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक कि हमारा मानदेय बढ़ा न दिया जाय।
जिला मंत्री श्रीमती ऊषा सिंह के कहा कि सरकार महिलाओं का एक तरफ सशक्तिकरण करने का दम भर रही है। तो दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकों का शोषण कर रही है।
इस अवसर पर शीला सिंह, सीमा सिंह, कुसुम उपाध्याय, रानी मौर्या, शशिकला, ऊषा चतुर्वेदी, सरस्वती, गीता राय, सुनीता राय, पूनम पाठक, रीता देवी, निर्मला यादव, चन्द्रवती, सरिता कुशवाहा, आरती सिंह, अनीता यादव, निर्मला सिंह, प्रमिला यादव, कमलेश, गीता देवी, शोभा देवी, वन्दना, प्रमिला यादव आदि सैकड़ों कार्यकत्री सहायिकाओं ने अपना विरोध व्यक्त किया।
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