आजमगढ़ : सगड़ी तहसील के देवरांचल क्षेत्र मे 21 फरवरी के दिन रोहुवार मे लगभग २०० जोड़े दहेज रहित विवाह का साक्षी बनेगा यह देवरांचल। इन वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए आमजन के साथ ही राजनेता, समाजसेवी, किसान, व्यापारी आदि लोग भी इस अवसर पर उपस्थित होगे। इसमे सामूहिक विवाह आयोजन में आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, बलिया, देवरिया,और फैजाबाद, अंबेडकर नगर जनपद के वर /वधु अपनी धार्मिक मान्यता पालन कर एक दूसरे के हो जायेगे।
बताते चले कि २००१ मे जब रामसकल पटेल समाज सेवी ने दहेज रहित विवाह करने का संकल्प लिया था तो उस समय उन्होंने 85 विभिन्न जातियो के जोड़ो का विवाह संपन्न कराया । तब से अब तक यह बारहवां सामूहिक विवाह आयोजन रोहुवार मे होने जा रहा है। रामसकल पटेल के प्रयास से अब तक 4500 से ज्यादा दहेजरहित विवाह संपन्न हो चुके हैं । आयोजनो का यह सिलसिला रोहुवार से होकर सतना सेवरी मंदिर और फिर उर्दिहा मे संपन्न हुआ था।
रामसकल पटेल ने बताया कि इस तरह कि शादियां करने मे समस्याए होती है। इसमे सामान्य व बड़े लोग हिचकिचाते है। वह अपने लड़के लड़कियो की शादी सामुहिक दहेज रहित विवाह के समारोह मे करना नही चाहते है। जब कि बहुत ऐसे लोग सामान्य व बड़े लोग है जो तैयार है अपने बच्चो की शादी इस तरह सादगी से करने के लिऐ। पटेल दहेज रुपी दानव से समाज को निजात दिलाने के लिऐ यह समारोह करते आ रहे है। उनका मानना है जब समाज का बुद्धजीवी वर्ग आगे आयेगा और इस तरह के आयोजने मे अपने बच्चो को भागीदार बनाएगे तो ही दहेज़ लोभी और बेटो के दाम लगाने वालो को मुंह की खानी पड़ेगी।
दहेज रहित सामूहिक विवाह की तैयारी रोहुवार मे जोरो पर चल रही है। इस आयोजन के लिए लाटघाट से रौनापार तक 30 तोरण द्वार बनाए जा रहे है ,जो शहीदो के नाम पर होंगे । अब तक 156 शादियो का रजिस्ट्रेशन हो चुका है इसमे 11 मुस्लिम हैं ।

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