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‘आरंगम्’ पंहुचा बच्चों के बीच , दिया सार्थक सन्देश

स्कूलों में   "माँ मुझे टैगोर बना दे" का हुआ एकल मंचन


रंगमंच व सामाजिक कार्यो के प्रति संलग्न सूत्रधार संस्थान द्वारा आयोजित 14 दिवसीय 11वें आजमगढ़ रंग महोत्सव ‘आरंगम्’ के प्रथम चरण (8 फरवरी से 12 फरवरी) के दूसरे दिन चिल्ड्रेन स्कूल बेलईसा और रैदापुर स्थित टाइनी टाट्स में थियेटर इन एजुकेशन के तहत रंगलोक थियेटर, जम्मू की प्रस्तुति माँ मुझे टैगोर बना दे के एकल मंचन से, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार लकी गुप्ता ने अपने प्रभावी अभिनय से बच्चो का मन मोह लिया तथा साथ ही शिक्षकों की अन्तरात्मा को झकझोर कर रख दिया। नाट्य मंचन के माध्यम से लक्की गुप्ता ने शिक्षको को यह बताने की कोशिश कि उनके हाथों में बच्चों को टैगोर बनाने की क्षमता है, वे अगर चाहे तो बच्चो  के अन्दर छिपी प्रतिभा को उभार सकते है तथा  उनमें समाज में कुछ नया करने व आगे बढ़ने का हौसला दे सकते है। ‘माँ मुझे टैगोर बना दे’ श्री मोहन भंडारी की पंजाबी कहानी पर आधारित नाटक है। यह एक छात्र के संघर्ष की कहानी है। जिसमें छात्र पढ़ाई करने व कविता लिखकर नोबेल पुरस्कार विजेता टैगोर बनने की ख्वाहिश रखता है। परन्तु परिस्थितियां उसका साथ नही देती, फिर भी वह हार नहीं मानता और परिस्थितियों से जूझता हुआ अपने अन्दर के टैगोर को मरने नहीं देता है। दिन में मजदूरी करके और शाम को पढ़ाई करके वो दसवी कक्षा में पूरें जिले में प्रथम स्थान लाता है। एक दिन उसे एहसास होता है कि एक अच्छा अध्यापक ही एक अच्छा टैगोर होता है। 50 मिनट की इस  प्रेरणदायी प्रस्तुति ने उपस्थित सबकी आँखे नम कर दी साथ ही बच्चो में शिक्षा के लिये नई उर्जा का संचार किया। ये इस नाटक की 882वीं प्रस्तुति थी। इस अवसर पर सूत्रधार संस्थान कें अध्यक्ष सी. के. त्यागी, चिल्ड्रेन स्कूल के प्रबन्धक श्री बजरंग त्रिपाठी, प्रधानचार्य श्री रंजन कुमार, टाइनी टाट्स के प्रबन्धक श्री नितिन गौड़ , वाइस प्रिंसपल श्रीमति जया गौड़, अध्यापक व बच्चे, उपस्थित रहे। संस्था की तरफ से सबका आभार आरंगम् संयोजक ममता पंडित, ने प्रकट किया।


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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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