2017 के मामले में अदालत का फैसला, प्रत्येक पर 1.05 लाख रुपये का अर्थदंड
आजमगढ़: मेहनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुई हत्या के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश-4, आजमगढ़ की अदालत ने पांच आरोपितों को दोषसिद्ध करार देते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और 1.05 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप यह फैसला आया। पटना अहियाई निवासी प्रभात कुमार दूबे पुत्र स्व. वीरेंद्र दूबे ने तीन फरवरी 2017 को मेहनगर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि भीखमपुर निवासी राजेंद्र पांडेय, उनके पुत्र टोनू पांडेय, पत्नी उषा पांडेय, टोनू की पत्नी रीना पांडेय तथा मेहनगर कस्बा निवासी शोभा पांडेय ने उनके पिता वीरेंद्र दूबे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 47/2017 के तहत धारा 302, 147 व 149 भादवि में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 12 गवाहों का परीक्षण कराया गया। बुधवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश-4 की अदालत ने राजेंद्र पांडेय पुत्र स्व. कुलदीप पांडेय, टोनू पांडेय पुत्र राजेंद्र पांडेय, उषा पांडेय पत्नी राजेंद्र पांडेय, रीना पांडेय पत्नी टोनू पांडेय, सभी निवासी भीखमपुर थाना मेहनगर तथा शोभा पांडेय पत्नी कन्हैया लाल मिश्रा निवासी कस्बा मेहनगर को दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को आजीवन कारावास और 1,05,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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